कराची हिंसा : अमेरिकी दूतावास पर हमला और आगजनी, ईरान पर हमले का पाकिस्तान में विरोध

पाकिस्तान में अमेरिका के खिलाफ उग्र प्रदर्शन पाकिस्तान में अमेरिका के खिलाफ उग्र प्रदर्शन

कराची| | BDC News|bhopalonline.org

ईरान पर अमेरिका और इजरायल के साझा सैन्य हमले ‘ऑपरेशन रोअरिंग’ की गूँज अब पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी सुनाई दे रही है। कराची में रविवार को हजारों की तादाद में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए, जिसके बाद स्थिति अनियंत्रित हो गई। आक्रोशित भीड़ ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (US Consulate) को निशाना बनाया, जिससे पूरे शहर में तनाव फैल गया है।

वाणिज्य दूतावास के गेट तोड़े, सुरक्षाबलों से भिड़ंत

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए अमेरिकी दूतावास के मुख्य द्वारों पर हमला बोल दिया। उग्र भीड़ ने दूतावास परिसर के पास लगे बैरिकेड्स उखाड़ दिए और गेट तोड़ने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल विरोधी नारेबाजी की और दूतावास के बाहरी हिस्से में आगजनी भी की।

हिंसक झड़प और आंसू गैस के गोले

हालात को काबू में करने के लिए सिंध पुलिस और अर्धसैनिक बलों (रेंजर्स) को भारी बल प्रयोग करना पड़ा। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। जवाब में प्रदर्शनकारियों की ओर से भी भारी पथराव किया गया, जिसमें कई पुलिसकर्मियों और नागरिकों के घायल होने की सूचना है।

पाकिस्तान के कई शहरों में हाई अलर्ट

कराची की इस घटना के बाद पाकिस्तान के अन्य बड़े शहरों जैसे लाहौर, इस्लामाबाद और क्वेटा में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। विशेष रूप से राजनयिक क्षेत्रों (Diplomatic Enclaves) के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। सरकार ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है, लेकिन सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट्स के कारण तनाव बना हुआ है।

मिडिल ईस्ट संकट का असर

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान पर हुए हमले ने पाकिस्तान के भीतर धार्मिक और राजनीतिक भावनाओं को उकसाया है। कराची जैसे संवेदनशील शहर में इस तरह का उपद्रव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता का विषय बन सकता है, क्योंकि यहाँ विदेशी राजनयिकों की सुरक्षा दांव पर लगी है।


पाकिस्तान सरकार कराची में विदेशी राजनयिक मिशन के पास हुई हालिया हिंसक घटनाओं और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की कड़ी निंदा करती है। लोकतांत्रिक समाज में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन कानून को हाथ में लेने और राजनयिक सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।

इस घटना को सरकार की सफाई और निर्देश

  1. कानून का शासन: कराची के रेड ज़ोन और संवेदनशील क्षेत्रों में उपद्रव करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों (LEAs) को उपद्रवियों की पहचान कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार करने का आदेश दिया गया है।
  2. राजनयिक सुरक्षा: वियना कन्वेंशन (Vienna Convention) के तहत, पाकिस्तान अपने देश में मौजूद सभी विदेशी राजनयिकों और उनके परिसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबद्ध है। अमेरिकी वाणिज्य दूतावास और अन्य विदेशी मिशनों की सुरक्षा को और अधिक चाक-चौबंद कर दिया गया है।
  3. जनता से अपील: हम अपने नागरिकों से अपील करते हैं कि वे भावनाओं में बहकर कानून का उल्लंघन न करें। मिडिल ईस्ट की स्थिति पर पाकिस्तान की विदेश नीति स्पष्ट है, लेकिन हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।
  4. हाई अलर्ट: कराची, लाहौर और इस्लामाबाद समेत सभी प्रमुख शहरों में ‘धारा 144’ लागू कर दी गई है और किसी भी अनधिकृत सभा या प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

पाकिस्तान सरकार स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रही है और शांति बहाल करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

प्रवक्ता, गृह मंत्रालय पाकिस्तान सरकार

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