नहीं जलाते रावण को नहीं मनाते दशहरा
देश में भगवान शिव के साथ कई जगह हैं रावण के मंदिर गुरूदेव तिवारी रावण को अन्याय, अधर्म और असत्य का प्रतीक माना जाता है, इसलिए हर साल उसके वध के दिन दशहरा को उसे पुतलों के दहन की परंपरा है, लेकिन दशानन की श्री लंका में सम्राट होने की वजह से पूजा अर्चना की…