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बैरागढ़ : सांडों की लड़ाई ने ली शिक्षिका की जान, पति गंभीर रूप से घायल

साड़ों का बैरागढ़ में जमावड़ा। साड़ों का बैरागढ़ में जमावड़ा।

संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़)।
BDC NEWS | bhopalonline.org

राजधानी के संत हिरदाराम नगर में आवारा मवेशियों का आतंक एक बार फिर काल बनकर टूटा है। बुधवार देर रात ग्रीन एकड़ कॉलोनी के पास दो सांडों की आपसी लड़ाई की चपेट में आने से 44 वर्षीय शिक्षिका मेघा शर्मा की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनके पति विवेक शर्मा इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए।

कैसे हुआ हादसा?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वार्ड-2 3टीओ निवासी मेघा शर्मा संस्कार स्कूल में हिंदी की शिक्षिका थीं। बुधवार शाम करीब 6 बजे वह अपने पति विवेक शर्मा के साथ लालघाटी स्थित सुदति अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने गई थीं। जब वे स्कूटर से घर वापस लौट रहे थे, तभी ग्रीन एकड़ कॉलोनी के पास अचानक दो सांड आपस में लड़ते हुए उनके स्कूटर से टकरा गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि विवेक शर्मा आगे की ओर गिर पड़े, जबकि पीछे बैठीं मेघा शर्मा के सिर पर गंभीर चोट आई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मृतका के देवर दीपक शर्मा ने बताया कि उनका हंसता-खेलता परिवार इस घटना से पूरी तरह बिखर गया है। मेघा शर्मा अपने पीछे दो कॉलेज जाने वाले बच्चों (एक बेटा और एक बेटी) को छोड़ गई हैं। उनकी मृत्यु की खबर से पूरे क्षेत्र और स्कूल स्टाफ में शोक की लहर है।

प्रशासनिक उदासीनता और स्थानीय नाराजगी

यह पहली बार नहीं है जब आवारा जानवरों की वजह से यहाँ कोई जान गई हो। इससे पहले भी वार्ड-4 में एक महिला की मौत हो चुकी है और आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो चुके हैं।

  • स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर निगम और निर्वाचित जनप्रतिनिधि इस समस्या को लेकर पूरी तरह मौन हैं। आवारा कुत्तों और मवेशियों की संख्या सड़कों पर बढ़ती जा रही है, जिससे पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
  • संस्कार स्कूल के सचिव बसंत चेलानी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए नगर निगम से सख्त एक्शन लेने की मांग की है। वहीं, एमआईसी सदस्य राजेश हिंगोरानी ने आश्वासन दिया है कि वह इस मुद्दे को निगम परिषद की बैठक में उठाएंगे और गौ-शालाओं के निर्माण में तेजी लाएंगे।

सड़कों पर घूमते ये मवेशी अब “सफ़ेद हाथी” साबित हो रहे हैं। प्रशासन की सुस्ती और कागजी आश्वासनों ने आज एक और परिवार का चिराग बुझा दिया है। अब देखना यह है कि क्या इस घटना के बाद जिम्मेदार जागते हैं या फिर किसी और बड़े हादसे का इंतज़ार किया जाएगा।


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