जुलाई 2026 व्रत-त्योहार कैलेंडर: देवशयनी एकादशी से गुरु पूर्णिमा तक, जानें सभी शुभ तिथियां

जुलाई 2026 व्रत-त्योहार कैलेंडर: देवशयनी एकादशी से गुरु पूर्णिमा तक, जानें सभी शुभ तिथियां
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एके तिवारी, ज्योतिषाचार्य
BDC NEWS|
bhopalonline.org

धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जुलाई 2026

धार्मिक दृष्टिकोण से जुलाई 2026 का महीना अत्यंत शुभ और उत्सवों से भरा रहने वाला है। इस माह में तीज-त्योहारों की झड़ी लगी रहेगी, जहाँ हर दूसरे-तीसरे दिन कोई न कोई पर्व मनाया जाएगा। इस महीने की प्रमुख विशेषताओं में गुप्त नवरात्रि, पुरी की विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा, गुरु पूर्णिमा और सावन के पावन महीने का आगमन शामिल है। आइए विस्तार से जानते हैं जुलाई माह के प्रमुख व्रत और त्योहारों के बारे में।

जुलाई 2026: प्रमुख व्रत और त्योहारों की सूची

जुलाई के महीने में लगभग 12 बड़े त्योहार मनाए जाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए नीचे दी गई तालिका के माध्यम से महत्वपूर्ण तिथियों को समझना आसान होगा:

तारीखत्योहार और व्रत
03 जुलाई 2026संकष्टी गणेश चतुर्थी, संत थॉमस डे
10 जुलाई 2026योगिनी एकादशी
12 जुलाई 2026रोहिणी व्रत, मास शिवरात्रि, प्रदोष व्रत
14 जुलाई 2026भौमवती अमावस्या
15 जुलाई 2026गुप्त नवरात्रि प्रारंभ
16 जुलाई 2026मुहर्रम समाप्त, पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा
17 जुलाई 2026वरद चतुर्थी
19 जुलाई 2026कौमार षष्ठी
25 जुलाई 2026देवशयनी एकादशी
26 जुलाई 2026जया पार्वती व्रत, प्रदोष व्रत
29 जुलाई 2026गुरु पूर्णिमा, व्यास पूजा
30 जुलाई 2026कांवड़ यात्रा प्रारंभ

प्रमुख पर्वों का शुभ मुहूर्त

जुलाई महीने के तीन सबसे बड़े त्योहारों के समय और तिथियों का विवरण यहाँ दिया गया है:

  • योगिनी एकादशी: यह व्रत 10 जुलाई, शुक्रवार को रखा जाएगा। इसका पारण (व्रत खोलने का समय) 11 जुलाई को दोपहर 1:50 बजे से शाम 4:36 बजे के बीच किया जा सकता है।
  • देवशयनी एकादशी: 24 जुलाई की सुबह 9:12 बजे से एकादशी तिथि प्रारंभ होकर 25 जुलाई की सुबह 11:34 बजे तक रहेगी। अतः व्रत 25 जुलाई को रखा जाएगा और पारण 26 जुलाई की सुबह 5:39 से 8:22 के बीच होगा।
  • गुरु पूर्णिमा: आषाढ़ पूर्णिमा का यह पर्व 29 जुलाई को मनाया जाएगा। पूर्णिमा तिथि 28 जुलाई की शाम 6:18 बजे से शुरू होकर 29 जुलाई की रात 8:05 बजे तक रहेगी। इस दिन चंद्रोदय का समय रात 7:21 बजे है।

जुलाई 2026 का महीना भक्ति और आध्यात्मिकता से परिपूर्ण है, जो श्रद्धालुओं को ईश्वर के करीब लाने का अवसर प्रदान करेगा।



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