भोपाल.
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आज रात 31 मई को चंद्रमा अपने पारंपरिक रूप यानी चमकीले सफेद या हल्के पीले रंग में ही दिखाई देगा, वह नीले रंग का नहीं होगा। इसलिए खगोल विज्ञान में इसे ब्लू मून कहेंगे। जानिए इसकी वजह क्या है-
- मंथली ब्लू मून (Monthly Blue Moon): जब अंग्रेजी कैलेंडर के किसी एक ही महीने में दो पूर्णिमा (Full Moon) आ जाती हैं, तो दूसरी पूर्णिमा के चांद को ‘ब्लू मून’ कहा जाता है। इस साल मई के महीने में 1 मई को पहली पूर्णिमा थी और अब 31 मई को दूसरी पूर्णिमा होने के कारण यह एक ‘मंथली ब्लू मून’ है।
- सीजनल ब्लू मून (Seasonal Blue Moon): एक खगोलीय सीजन (तीन महीने की अवधि) में आमतौर पर तीन पूर्णिमा होती हैं, लेकिन कभी-कभी इसमें चार पूर्णिमा आ जाती हैं। ऐसी स्थिति में तीसरी पूर्णिमा को सीजनल ब्लू मून कहते हैं।
क्या होता है ‘माइक्रोमून’ (Micromoon)?
आज की पूर्णिमा की दूसरी सबसे बड़ी खासियत इसका ‘माइक्रोमून’ होना है। यह सुपरमून (Supermoon) के ठीक विपरीत स्थिति होती है-
- एपोजी (Apogee) की स्थिति: चंद्रमा पृथ्वी के चारों ओर पूरी तरह गोल चक्कर नहीं लगाता, बल्कि उसकी कक्षा अंडाकार (Elliptical) है। आज 31 मई को चंद्रमा पृथ्वी से अपनी सबसे अधिकतम दूरी यानी ‘एपोजी’ पर रहेगा।
- दूरी और आकार: आज चांद और धरती के बीच की दूरी लगभग 4 लाख 6 हजार किलोमीटर होगी। इतनी दूरी पर होने के कारण चंद्रमा सामान्य पूर्णिमा के मुकाबले आकार में 5 से 7 प्रतिशत छोटा और चमक में करीब 10 प्रतिशत तक कम चमकीला दिखाई देगा। इसी स्थिति को विज्ञान की भाषा में ‘माइक्रोमून’ कहा जाता है।
दुर्लभ संयोग: ‘मंथली ब्लू मून’ होना और उसी दिन चंद्रमा का अपनी कक्षा के सबसे सुदूर बिंदु (Apogee) पर होकर ‘माइक्रोमून’ बनना, एक साथ होना बेहद दुर्लभ खगोलीय घटनाक्रम है।
ज्योतिषीय और खगोलीय महत्व: ‘स्कार्पियो ब्लू मून’
हिंदू पंचांग और भारतीय ज्योतिष के दृष्टिकोण से भी आज का दिन विशेष महत्व रखता है। आज ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है। खगोलीय गणना के अनुसार आज रात चंद्रमा वृश्चिक (Scorpio) राशि में गोचर कर रहा होगा। यही वजह है कि दुनिया भर के खगोलविद और ज्योतिषाचार्य आज के चांद को ‘स्कार्पियो ब्लू मून’ (Scorpio Blue Moon) के नाम से भी संबोधित कर रहे हैं।
लाल तारे ‘एंटारेस’ (Antares) के पास दिखेगा चांद का दीदार
आज रात खुले आसमान के नीचे एक और मनमोहक दृश्य दिखाई देगा। चंद्रमा वृश्चिक राशि के सबसे चमकीले और विशालकाय लाल तारे ‘एंटारेस’ (Antares) के बिल्कुल समीप नजर आएगा।
- कैसे देखें? इस खगोलीय नजारे को देखने के लिए आपको किसी महंगे टेलिस्कोप (Telescope) या दूरबीन (Binoculars) की आवश्यकता नहीं होगी। यदि आसमान साफ रहता है, तो आप पूरी रात अपनी नग्न आंखों (Naked Eyes) से चांद के ठीक बगल में टिमटिमाते हुए इस चमकदार लाल तारे को आसानी से देख सकते हैं।
भविष्य की गणना: अब अगले ‘ब्लू मून’ कब दिखेंगे?
यदि आप आज रात का यह नजारा देखने से चूक जाते हैं, तो आपको ‘मंथली’ या ‘सीजनल’ ब्लू मून देखने के लिए लंबा इंतजार करना होगा। आगामी वर्षों में होने वाली ब्लू मून की घटनाएं इस प्रकार हैं:
- 20 मई 2027: सीजनल ब्लू मून (Seasonal Blue Moon)
- 31 दिसंबर 2028: पूर्ण चंद्रग्रहण के साथ मंथली ब्लू मून (एक साथ दो बड़ी खगोलीय घटनाएं)
- 24 अगस्त 2029: सीजनल ब्लू मून (Seasonal Blue Moon)
आज 31 मई 2026 की रात प्रकृति और अंतरिक्ष प्रेमियों के लिए एक विजुअल ट्रीट (Visual Treat) की तरह है। प्रदूषण और कृत्रिम रोशनी से दूर किसी खुली छत या मैदान से इस अद्भुत नजारे का आनंद जरूर उठाएं।