ज्योतिष डेस्क.
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इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता विफल होने के बाद, अब ज्योतिषीय गलियारों में 15 अप्रैल से मई 2026 के बीच के समय को लेकर बड़ी भविष्यवाणियां की जा रही हैं। ज्योतिषियों के अनुसार, ग्रहों की चाल इस समय ‘अत्यधिक विस्फोटक’ और ‘परिवर्तनकारी’ दिखाई दे रही है। ज्योतिषियों और ग्रह गोचर पर आधारित विश्लेषण –
- प्रभाव: 14-15 अप्रैल को सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करेंगे। सूर्य सत्ता और नेतृत्व का कारक है। ज्योतिषियों का मानना है कि इससे अमेरिका (विशेषकर डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन) का रुख और अधिक आक्रामक हो सकता है। यह समय ‘अंतिम निर्णय’ या किसी बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत का संकेत दे रहा है।
मंगल और शनि की युति (मीन राशि)
- विस्फोटक योग: वर्तमान में मीन राशि में मंगल और शनि एक साथ हैं, जिसे ज्योतिष में ‘द्वंद्व योग’ माना जाता है।
- समुद्री युद्ध के संकेत: मीन एक जल तत्व की राशि है। ज्योतिषियों के अनुसार, 15 अप्रैल के बाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में नौसैनिक टकराव या समुद्री रास्तों पर कब्जा करने की भीषण कोशिशें हो सकती हैं।
18 से 23 अप्रैल: सबसे खतरनाक काल
- विनाशकारी योग: कई ज्योतिषियों ने 18 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 के बीच की अवधि को सबसे घातक बताया है। इस दौरान मंगल और शनि के अंश (Degrees) एक-दूसरे के बेहद करीब होंगे, जो बड़े हवाई हमलों या रासायनिक हथियारों के उपयोग की ओर इशारा करते हैं।
मई 2026: क्या होगा युद्ध का विस्तार?
- वैश्विक संकट: मई के महीने में राहु-केतु का प्रभाव नेतृत्व की कुंडलियों पर भारी रहेगा। ज्योतिषियों का कहना है कि यदि 15 अप्रैल के बाद हमला शुरू होता है, तो मई तक यह युद्ध केवल दो देशों तक सीमित न रहकर वैश्विक आर्थिक संकट (तेल की कीमतों में भारी उछाल) का रूप ले सकता है।
ज्योतिषियों की दो अलग-अलग राय
| नजरिया | ज्योतिषीय तर्क | संभावित परिणाम |
| नकारात्मक (युद्ध की प्रबल आशंका) | शनि-मंगल की युति और राहु का प्रभाव। | 15 अप्रैल के बाद भीषण सैन्य कार्रवाई और सत्ता परिवर्तन की कोशिश। |
| सकारात्मक (शांति की उम्मीद) | 19 अप्रैल को शुक्र का वृषभ राशि में प्रवेश। | युद्ध भड़कने के बावजूद पर्दे के पीछे से कूटनीति काम करेगी और पूर्ण विनाश टल जाएगा। |
ज्यादातर ज्योतिषियों का एकमत है कि 15 अप्रैल से 30 अप्रैल का समय मध्य पूर्व और विश्व शांति के लिए ‘अग्निपरीक्षा’ जैसा होगा। ग्रहों की स्थिति एक “सर्जिकल स्ट्राइक” या “सीमित लेकिन भीषण युद्ध” की ओर इशारा कर रही है।
एक गंभीर सवाल: ज्योतिषीय संकेतों के अनुसार यह समय काफी तनावपूर्ण है, लेकिन क्या आपको लगता है कि कूटनीतिक दबाव इस ‘ग्रहों के युद्ध’ को टालने में सफल होगा?
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