उज्जैन .
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अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती के पावन संयोग पर उज्जैन के हामूखेड़ी (देवास रोड) में रविवार को सामाजिक समरसता की एक अनूठी तस्वीर देखने को मिली। यहाँ आयोजित एक भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और 23 नव-विवाहित जोड़ों को सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद दिया।
सामूहिक विवाह: फिजूलखर्ची पर लगाम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सामूहिक विवाह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में समानता और सादगी को बढ़ावा देने का एक अनुकरणीय माध्यम है। उन्होंने कहा “अक्षय तृतीया का फल अक्षय होता है। विवाह संस्कार हमारी संस्कृति का आधार है। ऐसे आयोजनों से न केवल धन की बचत होती है, बल्कि समाज के सभी वर्गों को एक साथ खुशियां मनाने का अवसर मिलता है।”
बेटियों को मिला ‘दोपहिया’ का उपहार
कार्यक्रम में उस वक्त उत्साह और बढ़ गया जब नव-विवाहित कन्याओं को शासन और आयोजकों की ओर से दोपहिया वाहन (टू-व्हीलर) भेंट किए गए। मुख्यमंत्री ने खुद मंच से उतरकर हर जोड़े से मुलाकात की, उनके सिर पर पुष्प वर्षा की और उन्हें स्मृति चिन्ह प्रदान किए।
सिंहस्थ 2028: उज्जैन की बदलती तस्वीर
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उज्जैन में विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं, जिससे शहर की एक नई और समृद्ध छवि वैश्विक पटल पर उभरेगी। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि प्रदेश के हर घर में सुख-शांति और वैभव का वास हो।
संतों और गणमान्य नागरिकों की रही उपस्थिति
इस मांगलिक उत्सव में आध्यात्मिक आभा भी देखने को मिली। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज सहित कई प्रमुख महंत और गादीपति शामिल हुए। स्थानीय विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने भी जोड़ों को मंगलकामनाएं दीं।
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