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    अल-कायदा आतंकी साजिश: NIA की 5 राज्यों में छापेमारी, अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों पर शक

    अल-कायदा आतंकी साजिश: NIA की 5 राज्यों में छापेमारी, अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों पर शक
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    नई दिल्ली. BDC News

    राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार को अल-कायदा से जुड़ी एक महत्वपूर्ण आतंकी साजिश के मामले में देश के पाँच राज्यों में व्यापक छापेमारी की। यह मामला अवैध प्रवासी बांग्लादेशी नागरिकों की कथित संलिप्तता से जुड़ा है, जिन पर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का संदेह है।

    पाँच राज्यों में 10 ठिकानों पर तलाशी

    एनआईए की टीमों ने पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, मेघालय, हरियाणा और गुजरात में विभिन्न संदिग्धों और उनके सहयोगियों से जुड़े परिसरों पर एक साथ 10 ठिकानों की तलाशी ली। एक आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार, इन छापों के दौरान कई महत्वपूर्ण डिजिटल उपकरण और दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

    2023 में दर्ज हुआ था मामला

    यह मामला मूल रूप से वर्ष 2023 में दर्ज किया गया था। इसमें चार बांग्लादेशी नागरिकों—मोहम्मद सोजिब मियां, मुन्ना खालिद अंसारी, अजरुल इस्लाम, और अब्दुल लतीफ—के नाम शामिल हैं। इन आरोपियों पर जाली भारतीय पहचान दस्तावेजों का उपयोग करके बांग्लादेश से भारत में अवैध रूप से घुसपैठ करने का आरोप है।

    एनआईए की जांच में सामने आया है कि ये सभी आरोपी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन अल-कायदा से जुड़े हुए थे। इनकी गतिविधियाँ बांग्लादेश स्थित अल-कायदा के गुर्गों के लिए धन इकट्ठा करने और हस्तांतरित करने तथा मुस्लिम युवाओं को सक्रिय रूप से कट्टरपंथी बनाने और उकसाने पर केंद्रित थीं। इस मामले में, एनआईए ने 10 नवंबर, 2023 को अहमदाबाद की एक विशेष अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया था।

    महाराष्ट्र में भी हुई थी गिरफ्तारी

    इस बीच, महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) भी देश में आतंकी नेटवर्क पर कड़ी निगरानी रखे हुए है। एटीएस ने हाल ही में पुणे से 37 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर जुबैर हंगरगेकर को गिरफ्तार किया था। जुबैर पर प्रतिबंधित आतंकी संगठनों अल-कायदा और अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से कथित संबंध रखने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद, एटीएस ने ठाणे के एक शिक्षक से भी पूछताछ की थी। जांच के दौरान जुबैर के पुराने फोन में पाकिस्तान का एक संपर्क नंबर सेव मिला था, जो उसकी कट्टरपंथ फैलाने की गतिविधियों में संलिप्तता की ओर इशारा करता है।

    सोर्स: मीडिया रिपोर्ट्स

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