Headlines

भूपेंद्र सिंह V/S मंत्री गोविंद सिंह, अपने ही घेर रहे सरकार को

भूपेंद्र सिंह V/S मंत्री गोविंद सिंह, अपने ही घेर रहे सरकार को
👁️ 121 Views

भोपाल. अजय तिवारी, BDC NEWS

पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह के तेवर तीखे हैं। कांग्रेस से सिंधिया के साथ भाजपा में आए मंत्री गोविंद सिंह राजपूत भूपेन्द्र सिंह के निशाने पर है। मीडिया में भूपेन्द्र सिंह ने गोविंद सिंह को लेकर तीखे प्रहार किए हैं। भूपेन्द्र सिंह ने सीधे तौर पर नाम नहीं लिए, लेकिन कहा दो लोग है, जो सब जानते हैं। सागर में भाजपा कार्यकर्ताओं का दमन कर रहे हैं। भूपेन्द्र सिंह के बयान पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि मैं भाजपा का अनुशासित कार्यकर्ता हूं। तीन कड़ी चुनौतियों को मैंने पार किया है। दो विधानसभा चुनाव और एक लोकसभा में मैंने पार्टी के लिए काम किया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में मैंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। उसके बाद से मैं लगातार भारतीय जनता पार्टी की मजबूती के लिए काम कर रहा हूं। भारतीय जनता पार्टी बेहद अनुशासित पार्टी है, लेकिन भूपेंद्र सिंह ने पार्टी के अध्यक्ष को लेकर कहा है कि वह एबीवीपी से आए हैं और अभी पांच साल ही हुए हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और राजनाथ सिंह भी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से ही आए हैं। बीजेपी का वरिष्ठ नेतृत्व भूपेंद्र सिंह के मामले को देख रहा है। बता दे भूपेन्द्र सिंह ने कहा है कि सागर में एक मंत्री भाजपा को कमजोर कर रहा है।

अपने विधायक ही घेर रहे सरकार को

विधानसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद, प्रश्नोत्तर काल में विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा ने नगरीय विकास विभाग के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से सवाल पूछा। उन्होंने कहा, “नगर पालिका नर्मदापुरम में एक जांच के दौरान यह सामने आया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्धारित 2.5 लाख रुपये की जगह, लगभग 30 हितग्राहियों को 3 लाख से लेकर 8 लाख रुपये तक की राशि दी गई है। क्या यह राशि जारी करना नियमों के अनुरूप था? यदि नहीं, तो इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई है?” विजयवर्गीय ने जवाब दिया, “अपर संचालक नगरीय प्रशासन और विकास विभाग की अध्यक्षता में गठित एक कमेटी ने इस मामले की जांच की। जांच में पाया गया कि नगर पालिका परिषद नर्मदापुरम में 45 हितग्राहियों को निर्धारित राशि से अधिक भुगतान किया गया था। इस मामले में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, और 2 महीने के भीतर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *