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    माधव टाइगर रिजर्व: प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन से होगी रोजगार में वृद्धि

    माधव टाइगर रिजर्व
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    • माधव, कूनो और घड़ियाल अभ्यारण्य से चंबल क्षेत्र में विकास के नए द्वार खुलेंगे
    • शिवपुरी में प्रदेश के 9वें “माधव टाइगर रिजर्व” का शुभारंभ
    • माधव राव सिंधिया की 80वीं जयंती पर प्रदेश को नई सौगात
    • चंबल और निकटवर्ती क्षेत्र में विकास के खुलेंगे नए द्वार

    भोपाल :BDC NEWS

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    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को शिवपुरी में नवनिर्मित “माधव टाइगर रिजर्व” का शुभारंभ किया। यह मध्यप्रदेश का 9वां और देश का 58वां नेशनल टाइगर रिजर्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुनर्स्थापन प्रक्रिया से यहां लाई गई एक बाघिन को टाइगर रिजर्व क्षेत्र के मुक्त आवास में छोड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का दिन चंबल क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक है। माधव टाइगर रिजर्व में बाघों का पुनर्स्थापन हो रहा है। वन्य जीवों के संरक्षण के प्रति प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से राज्य को 9वें नेशनल टाइगर रिजर्व की अभूतपूर्व सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्र सरकार के सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टाइगर रिजर्व के प्रतीक चिन्ह (लोगो) के विमोचन के साथ बाउन्ड्री वॉल का लोकार्पण भी किया।

    चंबल में वन्य जीवों और मनुष्य के सह-अस्तित्व का अद्भुत नजारा

    Inner Bhopal100325080404मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार चंबल क्षेत्र में वन्य जीव पर्यटन को बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। प्रदेश में वन संपदा है और वन्य जीव बड़ी संख्या में हैं। चंबल क्षेत्र के कूनो में चीता, चंबल नदी में घड़ियाल और अब माधव नेशनल पार्क में बाघ पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेंगे। चंबल में वन्य जीव और मनुष्य मिलकर सह-अस्तित्व के भाव से अपनी-अपनी जिंदगी जी रहे हैं। यह अद्भुत नजारा केवल चंबल में देखने को मिलता है। राज्य सरकार के प्रयासों से यहां पर्यटन बढ़ेगा, रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के लिए विकास के नए द्वार खुलेंगे।

    अब चंबल में भी सुनाई देगी बाघ की दहाड़

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत और विश्व में सबसे ज्यादा टाइगर मध्यप्रदेश की भूमि पर पाए जाते हैं। मध्यप्रदेश को टाइगर स्टेट का दर्जा प्राप्त है। बाघों के विचरण के लिए सिर्फ चंबल क्षेत्र ही शेष था। यह कमी भी आज पूरी हो गई है। स्व. माधवराव सिंधिया की जयंती पर इस बाघ आरक्षित क्षेत्र का लोकार्पण राज्य के समग्र विकास के लिए बढ़ते कदम हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव चंबल ने प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन के मामले में अपार संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि माधव टाइगर रिजर्व नया इतिहास लिखेगा। यह क्षेत्र अब बाघों के पुनर्वास से अपनी नई पहचान बनाएगा। यहां पहले से भालू, तेंदुआ, हिरण, चिंकारा, भेड़िया, सियार, साही, अजगर और गिद्ध जैसे वन्य प्राणियों का बसेरा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्य प्राणियों के संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि नए टाइगर रिजर्व के विकास कार्यों में दूसरे जीवों के सह-अस्तित्व का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। यह कोई चिड़ियाघर नहीं, बल्कि मुक्त क्षेत्र है, जो वन्य जीवों के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी खुला रहेगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माधव टाइगर रिजर्व के लोगो का विमोचन किया और माधव नेशनल पार्क की बाउंड्रीवॉल का लोकार्पण भी किया।

    चंबल क्षेत्र में वन्यजीव पर्यटन की संभावनाएं प्रबल हुईं: सिंधिया

    केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र को ऐतिहासिक सौगात देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि माधव टाइगर रिजर्व, पन्ना टाइगर रिजर्व के बाद मध्यप्रदेश का तीसरा पुनर्जीवित किया गया नेशनल पार्क है। इससे चंबल क्षेत्र में वन्य जीव पर्यटन की संभावनाएं प्रबल हुई हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी की पहल पर कूनो नेशनल पार्क में देश में विलुप्त हो चुके चीता को फिर से बसाया गया है। उन्होंने 10 मार्च 2023 को माधव नेशनल पार्क में पूर्व में 3 बाघ छोड़े थे। आज एक बाघिन को छोड़ा गया है। अब कूनो और माधव टाइगर रिजर्व का संयुक्त क्षेत्र 3000 वर्ग किलोमीटर से अधिक हो जाएगा। केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ मिलकर माधव टाइगर रिजर्व के विकास के लिए हर संभव प्रयास करने की बात कही। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, वन राज्यमंत्री श्री दिलीप सिंह अहिरवार सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

    सोर्स: एमपी इंफो

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