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    Global Share Market: कच्चे तेल की आग में झुलसा शेयर बाजार, निफ्टी में भारी गिरावट के संकेत

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    मुंबई।
    BDC News | bhopalonline.org
    पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने दुनिया भर के शेयर बाजारों में खलबली मचा दी है। अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर बढ़ती तनातनी के चलते कच्चा तेल (Brent Crude) 100 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ता दिख रहा है।

    GIFT Nifty ने दिए गैप-डाउन ओपनिंग के संकेत

    भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार का दिन चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। फ्यूचर इंडेक्स GIFT Nifty सुबह से ही दबाव में है और इसमें 200 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। 229 अंक टूटकर यह 24,135 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है, जो निफ्टी की कमजोर शुरुआत की ओर इशारा है।

    निफ्टी के लिए 24,200 का लेवल ‘करो या मरो’ जैसा

    बाजार के जानकारों का मानना है कि आज के सत्र में 24,200 का स्तर सबसे महत्वपूर्ण होगा।

    • सपोर्ट लेवल: यदि निफ्टी 24,200 के स्तर को बचाने में नाकाम रहता है, तो बिकवाली और बढ़ सकती है और इंडेक्स 23,900 तक फिसल सकता है।
    • India VIX: बाजार में डर का पैमाना (India VIX) 4.3% उछलकर 18.30 पर पहुंच गया है, जो हाई वोलैटिलिटी का संकेत है।

    $103 के पार Brent Crude; भारत की बढ़ी चिंता

    कच्चे तेल की कीमतों में उछाल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए दोहरा झटका है। Brent Crude के 103 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचने से भारत का आयात बिल बढ़ेगा और रुपये पर दबाव आएगा। निवेशकों को डर है कि तेल की ये कीमतें महंगाई को फिर से भड़का सकती हैं।

    विदेशी और घरेलू निवेशकों ने खींचे हाथ

    बाजार में गिरावट के बीच संस्थागत निवेशकों की बिकवाली ने चिंता और बढ़ा दी है:

    1. FIIs (विदेशी निवेशक): बुधवार को ₹2,078 करोड़ के शेयर बेचे।
    2. DIIs (घरेलू निवेशक): ₹1,078 करोड़ की बिकवाली की। लगातार हो रही यह बिकवाली दर्शाती है कि बड़े निवेशक फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में हैं।

    H2: एशियाई बाजारों में लाल निशान, रुपया भी कमजोर

    हालांकि अमेरिकी बाजार रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुए थे, लेकिन आज एशियाई बाजारों (Nikkei, Hang Seng) में बिकवाली का माहौल है। इसके अलावा, भारतीय रुपया भी लगातार तीसरे दिन कमजोर हुआ है, जिससे विदेशी निवेशकों के सेंटिमेंट पर नकारात्मक असर पड़ा है।


    निवेशकों के लिए सलाह है कि जब तक बाजार में स्थिरता नहीं आती और निफ्टी 24,200 के ऊपर सस्टेन नहीं करता, तब तक आक्रामक खरीदारी से बचें और सावधानी के साथ अपनी रणनीति बनाएं।


    नोट: यह खबर केवल सूचना के उद्देश्य से है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।


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