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    करूणेश नाट्य समारोह… तुम मेरे सपनों में आते हो सुभाष

    करूणेश नाट्य समारोह… तुम मेरे सपनों में आते हो सुभाष
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    द राइजिंग ऑफ आर्ट एंड कल्चर की प्रस्तुति के साथ करूणेश नाट्य समारोह शुरू की शुरूआत हो गई है… समारोह में भोपाल रंग ग्रुप के अलावा जम्मू और राजस्थान के रंग समूह भी हिस्सा बन रहे हैं।


    भोपाल। अजय तिवारी
    आई एम सुभाष के एक दिन में इंदौर में तीन शो का रिकॉर्ड, भारत रंग महोत्सव में नाट्क की 11 वीं प्रस्तुति के बाद और राजधानी भोपाल में देशभर में 12 वीं प्रस्तुति हुई। इसके साथ ही तीन दिन करूणेश नाट्य समारोह की शुरूआत हुई। राजधानी शहीद भवन में द राइजिंग सोसायटी ऑफ आर्ट एंड कल्चर भोपाल के कलाकारों ने नेताजी सुभाष के देश की आजादी की भावना और व्यक्तित्व को बाखूबी रखा।
    नाट्क की बात करें सालों पहले वरिष्ठ रंगकर्मी चन्द्रहास तिवारी ने निर्देशन किया था। नेताजी की भूमिका भी चन्द्रहास खुद निभाते थे। उनके दुनिया से जाने के बाद नाट्क पुन: निर्देशन वरिष्ठ रंगकर्मी प्रीति झा तिवारी ने किया। नए प्रयोग के साथ तालियां और आवाज से नाट्क में संगीत का काम लिया गया है, जो नाटक को अलग कलेवर देता है।

    नाटक में
    नाटक सुभाषचन्द्र बोस की स्टूडेंट्स लाइफ से शुरू होता है। फिर ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ युवाओं को इकट्‌ठा करते हैं। इंग्लैंड में पढ़ाई, आइसीएस पास कर अंग्रेजी शासन में नौकरी हासिल कर उसे ठुकराने और आजादी की लड़ाई को अलग धार देने। आजाद हिन्द फौज के साथ संग्राम की लड़ाई को अंजाम तक ले जाने की सुभाष की यात्रा को नाटक में सामने रखा गया।
    डायरेक्टर कट
    आईएम सुभाष का किरदार हमे देश की क्रांति से जोड़ने वाले जज्बे से जोड़ता है। अंग्रेजों के खिलाफ नेताजी की लड़ाई भारत की आजादी की इबारत लिखने वाली है। नेताजी के योगदान और उनके व्यक्तित्व को एक नाटक में पिरोना संभव नहीं है, कुछ अहम हिस्सों के साथ नाटक का संयोजन किया गया। हमारी प्रस्तुति एक आदरांजलि है सुभाषजी को… बस यही कहूंगी- तुम मेरे सपनों में आते हो सुभाष

    प्रीति झा तिवारी

    दर्शक बोले
    नाट्क देश की आजादी के अमृत महोत्सव से दर्शकों को जोड़ता है। नेताजी के कलेवर को नाटक ने सामने रखा है। हर किरदार ने अपनी भूमिका के साथ न्याय किया है। नाट्य कला में नए प्रयोग भी नाटक में देखने को मिले हैं।

    रवीन्द्र कुमार

    मंच पर

    • सुभाष – हर्ष दौंड
    • अंग्रेज़/प्रोफ़ेसर/रिबेंट्रोप – अखिलेश/शुभम
    • अंग्रेज़/विलियम ड्यूक – आर्यान्श/ गौरव
    • जानकीनाथ- निर्मल/रजनीश
    • नौकर- प्रदीप अहिरवार
    • नेता- प्रदीप शर्मा
    • देशबंधु- संदीप शर्मा
    • एम.एन.रॉय- कशफ़ ख़ान
    • फिण्डले- संदीप पाटिल /अखिलेश/
    • घोष बाबू – अजय पाल
    • शरत चंद्र बोस- रजनीश परमार
    • घोष बाबू- कशफ़/निर्मल
    • लिल्थगो- आर्यांश
    • रास बिहारी- निर्मल तिवारी
    • शाहनवाज़- प्रदीप शर्मा
    • बासंती देवी/महिला/नलिनी- प्रीति झा
    • आज़ाद हिंद फौज-आरती शिंदे सुमित,शुभम,आर्यान्श,धर्मेंद्र,रजनीश,कशफ़,पार्थ,अखिलेश
    • कैदी- सुमित,अमित,संदीप,पार्थ,कशफ़,
      रजनीश
    • छात्र-कशफ़, शुभम,सुमित,प्रदीप,अमित,आर्यान्श,पार्थ, आयुश
    • मंच परे
    • मंच व्यवस्थापक- रचित सक्सेना
    • वेशभूषा- सोनी परिहार
    • सहायक-रजनी तिवारी
    • रूप सज्जा- स्वयं
    • सहायक- नंद किशोर
    • मंच सामग्री- रचित
    • सहायक- अंशु रानी
    • प्रचार प्रसार- कमलेश, शुभम
    • मंच परिकल्पना- प्रमोद गायकवाड़
    • प्रकाश परिकल्पना-अनूप जोशी
    • रिकॉर्डेड संगीत- मॉरिस लाज़रस
    • संगीत संचालन- लोकेंद्र
    • संगीत- संदीप शर्मा
    • लेखक- दिनेश नायर
    • परिकल्पना एवं निर्देशक- चंद्रहास तिवारी
    • पुनर्संयोजन – प्रीति झा तिवारी

    दूसरा दिन 14 सितंबर…. महाभारत की एक प्रसंग पर आधारित नाटक बृहन्नला का मंचन किया जाएगा जिसका लेखन नई लईक हुसैन ने किया है व निर्देशन कविराज लईक ने किया है, प्रस्तुति है पर्फ़ॉर्मर्ज़ उदयपुर की है।


    तीसरा दिन 15 सितंबर…. एमेच्योर जम्मू की प्रस्तुति लम्हों की मुलाक़ात जिससे लिखा है,झुनझुनवाला ने और निर्देशित किया है संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्राप्त वरिष्ठ निर्देशक श्री मुश्ताक़ काक ने किया है ।


    रंग कर्म का सम्मान
    समारोह में करुणेश सम्मान रंगकर्म में योगदान के लिए वरिष्ठ रंगकर्मी संजय मेहता को दिया जाएगा। चंद्रहास तिवारी सम्मान संगीतकार /निर्देशक/अभिनेता मॉरिस लाज़रस को दिया जाएगा। समारोह द राइज़िंग सोसायटी ऑफ़ आर्ट एंड कल्चर संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली और शहीद भवन के सहयोग से कर रही है।

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