सिस्टम को अब ‘सर्जरी’ की जरूरत है ‘इलाज’ की नहीं
अजय तिवारी, संपादकइंदौर, जिसे हम ‘देश का सबसे स्वच्छ शहर’ कहते नहीं थकते, आज अपनी उसी स्वच्छता के दावों के मलबे के नीचे दबा खड़ा है। भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई 18 मौतों ने यह साबित कर दिया है कि स्वच्छता का तमगा केवल सड़कों की चकाचौंध तक सीमित है, जबकि शहर की रगों…