आस्था का सैलाब: जय झूलेलाल के उद्घोष से गूंजा सिंधु समाज, भव्य शोभायात्रा ने मोह लिया सबका मन
भोपाल| BDC News|bhopalonline.org| रवि नाथानी
संत नगर के मिनी मार्केट से जब सिंधु समाज की शोभायात्रा का आगाज़ हुआ, तो पूरा दृश्य केसरिया और पीले रंग में रंगा नजर आया। समाज के युवाओं और बुजुर्गों ने पारंपरिक पीले साफे और ‘जय झूलेलाल’ लिखी टोपियां पहन रखी थीं। यह केवल एक पोशाक नहीं, बल्कि सिंधी पहचान और इष्ट देव सांई झूलेलाल के प्रति अटूट श्रद्धा का प्रतीक था। जैसे ही शोभायात्रा शुरू हुई, ‘आयो लाल, झूलेलाल’ के नारों से पूरा आसमान गूंज उठा।
ऊंट, घोड़े, बग्गी और शिव तांडव की जीवंत झांकी
शोभायात्रा सबसे आगे सजे-धजे ऊंट और घोड़े चल रहे थे, जो प्राचीन राजसी परंपराओं की याद दिला रहे थे। बग्गियों में समाज के वरिष्ठ जन और संत विराजमान थे। आकर्षण का केंद्र ‘शिव तांडव’ की जीवंत प्रस्तुति रही, जिसे देखकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। सिंधी समाज के लोग एक ही रंग के कुर्ती-पजामे में अनुशासित तरीके से चलते हुए यात्रा की शोभा बढ़ा रहे थे। उनकी एकता और अनुशासन ने समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया।
भजन सम्राट लखबीर सिंह लक्खा की मौजूदगी
शोभायात्रा में चार चांद लगाने पहुंचे देश के मशहूर भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा। लक्खा को अपने बीच पाकर लोगों का उत्साह दोगुना हो गया। यात्रा के दौरान ही उनके साथ फोटो खिंचवाने और सेल्फी लेने के लिए युवाओं और प्रशंसकों में होड़ मची रही। लक्खा ने भी अपनी चिरपरिचित मुस्कान के साथ भक्तों का अभिवादन स्वीकार किया, जिससे यात्रा का माहौल पूरी तरह भक्तिमय और उल्लासपूर्ण हो गया।
सक्षक कटारिया ग्रुप का धमाल
इस बार की शोभायात्रा में छत्तीसगढ़ के रायपुर से विशेष रूप से आए सक्षक कटारिया ग्रुप ने समां बांध दिया। एक विशाल ट्राले पर सवार इस ग्रुप ने जब सिंधी भजनों की प्रस्तुति शुरू की, तो सड़क पर चल रहा हर श्रद्धालु नाचने पर मजबूर हो गया। आधुनिक वाद्य यंत्रों और पारंपरिक सिंधी धुनों के मेल ने आदर्श मार्ग पर ऐसा वातावरण बनाया कि पैर अपने आप थिरकने लगे।
सांई झूलेलाल की अखंड ज्योति: श्रद्धा का मुख्य केंद्र
शोभायात्रा में सबसे आगे एक भव्य रूप से सजाए गए ट्राले में सांई झूलेलाल की ज्योति प्रज्वलित थी। भक्त इस ज्योति के दर्शन कर खुद को धन्य महसूस कर रहे थे। जगह-जगह महिलाओं ने आरती उतारी और सिंधी समाज की पंचायतों ने ज्योति के सम्मुख मत्था टेका। यह ज्योति सिंधी समाज की एकता और अखंडता का प्रतीक मानी जाती है।
सामाजिक संस्थाओं ने किया पुष्प वर्षा से स्वागत
जब शोभायात्रा संत नगर बस स्टैंड पहुंची, तो वहां भव्य स्वागत मंच सजाए गए थे। विधायक रामेश्वर शर्मा, चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष गोबिंद गोयल और विधायक भगवानदास सबनानी ने शिरकत की। इन दिग्गज हस्तियों ने शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा की और सिंधी समाज के संतों, महात्माओं और विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधियों का शॉल-श्रीफल से सम्मान किया। नेताओं ने अपने संबोधन में सिंधी समाज को पुरुषार्थी और संस्कृति का रक्षक बताया।
एक किलोमीटर लंबी कतार: जगह-जगह लगे सेवा शिविर
यह शोभायात्रा करीब एक किलोमीटर से भी अधिक लंबी थी। इसकी विशालता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब यात्रा का अगला हिस्सा विसर्जन स्थल की ओर बढ़ रहा था, तब पिछला हिस्सा अभी मिनी मार्केट के पास ही था। पूरे मार्ग में सामाजिक संस्थाओं द्वारा शीतल जल, शरबत, फल और प्रसादी के स्टॉल लगाए गए थे। हर जाति और वर्ग के लोगों ने इस यात्रा का स्वागत कर आपसी भाईचारे की मिसाल पेश की।