गणतंत्र दिवस 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संबोधन, किसानों को बताया देश की रीढ़

राष्ट्र के नाम संबोधन राष्ट्र के नाम संबोधन

नई दिल्ली: BDC News.bhopalonline.org

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश को संबोधित करते हुए भारत की विकास यात्रा, संवैधानिक मूल्यों और अन्नदाताओं के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी का दिन हमें अतीत के गौरव, वर्तमान की उपलब्धियों और भविष्य के लक्ष्यों पर मंथन करने का अवसर देता है।

आत्मनिर्भर भारत के नायक: हमारे किसान

राष्ट्रपति ने किसानों को भारतीय अर्थव्यवस्था की ‘रीढ़’ करार दिया। उन्होंने कहा कि मेहनती किसानों की कई पीढ़ियों के संघर्ष का ही परिणाम है कि भारत आज खाद्यान्न के मामले में न केवल आत्मनिर्भर है, बल्कि कृषि उत्पादों का प्रमुख निर्यातक भी बन चुका है। उन्होंने ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ और आधुनिक कृषि पद्धतियों के लाभों को किसानों की मजबूती का आधार बताया।

संवैधानिक आदर्श और राष्ट्रीय एकता

संबोधन के दौरान राष्ट्रपति ने संविधान को विश्व के सबसे बड़े गणराज्य का मार्गदर्शक दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि न्याय, स्वतंत्रता और समानता के आदर्श ही हमारे लोकतंत्र को परिभाषित करते हैं। विशेष रूप से उन्होंने ‘वंदे मातरम’ की रचना के 150वें वर्ष का उल्लेख करते हुए इसे राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बताया।

शिक्षा और स्वास्थ्य पर जोर

आदिवासी समुदायों के उत्थान पर चर्चा करते हुए राष्ट्रपति ने ‘पीएम-जनमन’ और ‘धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान’ की सराहना की। उन्होंने बताया कि ‘एकलव्य मॉडल स्कूलों’ के छात्र अब प्रतियोगी परीक्षाओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। साथ ही, ‘सिकल सेल एनीमिया मिशन’ के तहत 6 करोड़ से अधिक स्क्रीनिंग को स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि बताया।

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