भोपाल (संत हिरदाराम नगर)।
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संत हिरदाराम नगर में आध्यात्मिक उल्लास के साथ नवनिर्मित श्री प्रेम प्रकाश आश्रम का उद्घाटन और सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज की श्री मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई। जयपुर से पधारे सद्गुरु स्वामी भगत प्रकाश जी महाराज के सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
भव्य शोभायात्रा और स्वागत
स्वामी भगत प्रकाश जी महाराज अपनी संत मंडली (संत श्री लालुराम जी, संत श्री हरिओम जी, संत श्री लविक साईं जी) के साथ जब नगर में पधारे, तो प्रेम प्रकाश मंडल के सेवाधारियों ने उनका भव्य स्वागत किया। बैरागढ़ बस स्टैंड से लेकर एफ-वार्ड स्थित आश्रम तक एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें श्रद्धालु भजनों की धुन पर झूमते नजर आए।
मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा और सत्संग
आश्रम पहुँचने के पश्चात स्वामी जी के कर-कमलों से भगवान श्री लक्ष्मीनारायण और सद्गुरु टेऊँराम जी महाराज के श्री विग्रहों (मूर्तियों) की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इस अवसर पर हवन, ध्वजारोहण और सत्संग का आयोजन हुआ। स्वामी जी ने उपस्थित संगत और सेवाधारियों को आशीर्वाद देते हुए नए आश्रम की बधाई दी।
“ईश्वर की शक्ति से संचालित है यह शरीर”
शाम को आयोजित सत्संग में स्वामी भगत प्रकाश जी ने मार्मिक प्रवचन देते हुए कहा- “मनुष्य इस संसार में सीमित समय के लिए आया है। यह शरीर पांच तत्वों (धरती, आकाश, जल, अग्नि और पवन) से बना एक घर है, जिसे ईश्वर रूपी कारीगर ने माता के गर्भ में निर्मित किया है। इस शरीर के भीतर ईश्वर स्वयं जीवात्मा के रूप में बैठकर शक्ति का संचार कर रहे हैं।”
जीवन सफल बनाने का संदेश
स्वामी जी ने जोर देते हुए कहा कि यह शरीर अनमोल है और इसे व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। उन्होंने भक्तों को प्रेरित किया कि वे संतों की शरण में जाएं, उनकी वाणी सुनें, शिक्षा ग्रहण करें और नियमित रूप से गीता व रामायण का पाठ करें ताकि मानव जीवन सफल हो सके।