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चन्द्र ग्रहण 2026: भारत के आसमान में दिखा साल का पहला चंद्र ग्रहण, जानें आपके शहर में ‘मोक्ष काल’ का सही समय

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नई दिल्ली | BDC News|bhopalonline.org

साल 2026 का पहला खगोलीय घटनाक्रम आज ‘चंद्र ग्रहण’ के रूप में दिखाई दे रहा है। भारत के कई हिस्सों में इस अद्भुत नजारे को देखा गया है। धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस ग्रहण को लेकर लोगों में भारी उत्साह है। मंदिरों के कपाट बंद रहने और सूतक काल के पालन के बाद अब श्रद्धालु ‘मोक्ष काल’ यानी ग्रहण समाप्ति के समय का इंतजार कर रहे हैं।

भारत में ग्रहण का नजारा

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देश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में चंद्र ग्रहण की दृश्यता सबसे स्पष्ट रही है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह एक आंशिक चंद्र ग्रहण है, जिसमें चंद्रमा का एक हिस्सा पृथ्वी की छाया से ढका हुआ नजर आया। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहण के दौरान सूतक काल मान्य होने के कारण देश के प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना रोक दी गई थी।

क्या है मोक्ष काल और इसका महत्व?

ग्रहण की समाप्ति को ‘मोक्ष काल’ कहा जाता है। मान्यताओं के अनुसार, मोक्ष काल के बाद पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य करना अत्यंत शुभ फलदायी होता है।

  • स्नान और शुद्धिकरण: ग्रहण समाप्त होते ही घरों की सफाई और गंगाजल से शुद्धिकरण की परंपरा है।
  • दान-पुण्य: मोक्ष काल के बाद जरूरतमंदों को सफेद वस्तुओं (जैसे चावल, चीनी, दूध) का दान करने की सलाह दी जाती है।

सावधानियां और प्रभाव

ज्योतिषियों के अनुसार, यह ग्रहण विभिन्न राशियों पर अलग-अलग प्रभाव डालेगा। गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी बरतने और मंत्रों का जाप करने की सलाह दी गई है। वहीं, खगोल प्रेमियों के लिए यह टेलीस्कोप और खुली आंखों से अंतरिक्ष की हलचल देखने का एक शानदार अवसर साबित हो रहा है।


चंद्र ग्रहण 2026: राशियों पर प्रभाव (Rashifal)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण अलग-अलग राशियों के लिए मिश्रित परिणाम लेकर आया है:

  • मेष, सिंह और धनु राशि: इन राशियों के लिए ग्रहण सकारात्मक ऊर्जा ला सकता है। करियर में प्रगति और रुके हुए कार्यों के पूरे होने के संकेत हैं।
  • वृषभ, कन्या और मकर राशि: आपको स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। आर्थिक निवेश में सावधानी बरतें और वाद-विवाद से बचें।
  • मिथुन, तुला और कुंभ राशि: सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि होगी। हालांकि, परिवार के साथ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, इसलिए वाणी पर संयम रखें।
  • कर्क, वृश्चिक और मीन राशि: मानसिक तनाव का अनुभव हो सकता है। आध्यात्मिकता की ओर झुकाव बढ़ेगा, जो आपको शांति प्रदान करेगा।

ग्रहण के बाद किए जाने वाले उपाय

मंत्र जप: ‘ॐ नमः शिवाय’ या ‘ॐ सों सोमाय नमः’ का जाप करने से ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं।

शुद्धिकरण: ग्रहण समाप्त (मोक्ष काल) होते ही पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें।

स्नान: स्वयं स्नान करें और यदि संभव हो तो पास की किसी पवित्र नदी या सरोवर में डुबकी लगाएं।

दान का महत्व: चंद्रमा से संबंधित वस्तुओं जैसे सफेद वस्त्र, चावल, दूध या चांदी का दान करना शुभ माना जाता है।

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