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मिडिल ईस्ट संकट: युद्धविराम के बीच UAE और कुवैत पर बड़ा हमला, ईरान में भी धमाकों की गूंज

मिडिल ईस्ट संकट: युद्धविराम के बीच UAE और कुवैत पर बड़ा हमला, ईरान में भी धमाकों की गूंज

दुबई/वॉशिंगटन: वार डेस्क
BDC News|bhopalonline.org

खाड़ी क्षेत्र में शांति की उम्मीदों को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब अमेरिका और ईरान के बीच घोषित दो सप्ताह का युद्धविराम (Ceasefire) शुरू होने के कुछ ही घंटों के भीतर ध्वस्त होता नजर आया। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कुवैत ने बुधवार को दावा किया कि उनकी सीमाओं के भीतर ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों और ड्रोनों से हमला किया गया है।

मुख्य घटनाक्रम: क्या हुआ अब तक?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मंगलवार रात को घोषित किए गए युद्धविराम के बावजूद, खाड़ी देशों में सायरन और धमाकों की आवाजें फिर से सुनाई दीं।

  • UAE की कार्रवाई: संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की ओर से आ रहे कई बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट (नष्ट) किया है। दुबई और अबू धाबी के रिहायशी इलाकों में धमाकों की तेज आवाजें सुनी गईं, जो बचाव कार्यों का हिस्सा थीं।
  • कुवैत पर ड्रोन हमला: कुवैती सेना के अनुसार, सुबह के समय ईरान की ओर से छोड़े गए ड्रोनों के एक झुंड ने देश के महत्वपूर्ण तेल प्रतिष्ठानों, बिजली संयंत्रों और जल शोधन केंद्रों (Desalination plants) को निशाना बनाया। इन हमलों से बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचने की खबरें हैं।
  • ईरान में धमाके: इसी दौरान ईरान के भीतर से भी बड़े धमाकों की खबरें आ रही हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि ये धमाके किसी जवाबी हमले का परिणाम थे या कोई तकनीकी खराबी।

युद्धविराम पर गहराते संकट के बादल

यह तनावपूर्ण स्थिति तब पैदा हुई है जब कुछ ही घंटों पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के 10-सूत्रीय प्रस्ताव को ‘काम करने योग्य’ (Workable) बताते हुए दो सप्ताह के लिए बमबारी रोकने की घोषणा की थी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और जनरल आसिम मुनीर की मध्यस्थता में इस समझौते की नींव रखी गई थी।

विशेषज्ञों की राय: कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये हमले जारी रहते हैं, तो न केवल शुक्रवार को इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता खतरे में पड़ जाएगी, बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति और ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) के सुरक्षित मार्ग पर भी गंभीर संकट मंडराने लगेगा।

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