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Stock Market Rally: अमेरिका-ईरान सीजफायर से शेयर बाजार में ‘महा-उछाल’; निवेशकों की चांदी

Stock Market Rally: अमेरिका-ईरान सीजफायर से शेयर बाजार में ‘महा-उछाल’; निवेशकों की चांदी

बिजनेस डेस्क
BDC News|bhopalonline.org

मिडिल-ईस्ट में पिछले कई हफ़्तों से जारी तनाव के बीच जैसे ही डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम (Ceasefire) का ऐलान किया, वैश्विक बाजारों समेत भारतीय शेयर बाजार ने इसका ‘ग्रैंड वेलकम’ किया है। बुधवार को बाजार खुलते ही दलाल स्ट्रीट पर जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी ने लंबी छलांग लगाई।


सेंसेक्स और निफ्टी में ऐतिहासिक बढ़त

सीजफायर की खबर ने निवेशकों के भीतर नया उत्साह भर दिया है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सूचकांक सेंसेक्स लगभग 2,700 अंकों की भारी बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 800 अंकों से ज्यादा उछलकर नए रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ रहा है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि युद्ध टलने की खबर ने ‘पैनिक सेलिंग’ को पूरी तरह खत्म कर दिया है।


क्यों आई बाजार में यह ‘सुनामी’ तेजी?

बाजार में आई इस रिकॉर्ड तेजी के पीछे तीन मुख्य कारण माने जा रहे हैं:

  1. युद्ध टलने की राहत: ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य टकराव रुकने से निवेशकों का डर खत्म हुआ है।
  2. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट: सीजफायर की घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल के दाम गिरे हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था और कंपनियों के लिए सकारात्मक संकेत है।
  3. ग्लोबल मार्केट का सपोर्ट: अमेरिकी और एशियाई बाजारों में आई तेजी ने भारतीय निवेशकों के सेंटिमेंट को और मजबूत किया।

इन सेक्टर्स में दिखा सबसे ज्यादा दम

बाजार की इस रैली में लगभग सभी सेक्टर्स हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं, लेकिन कुछ खास क्षेत्रों में भारी लिवाली देखी गई:

  • बैंकिंग और फाइनेंस: एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एसबीआई जैसे शेयरों में तगड़ा उछाल।
  • आईटी (IT) स्टॉक्स: ग्लोबल सेंटिमेंट सुधरने से इंफोसिस और टीसीएस में निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया।
  • ऑटो और कंज्यूमर गुड्स: कच्चे तेल के दाम कम होने की उम्मीद में ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में रौनक लौट आई है।

विशेषज्ञों की राय: आगे क्या होगा?

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह तेजी फिलहाल जारी रह सकती है, लेकिन निवेशकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। चूंकि सीजफायर अभी सिर्फ दो हफ़्तों के लिए है, इसलिए 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत के नतीजे बाजार की अगली दिशा तय करेंगे। यदि वहां स्थायी शांति का रास्ता निकलता है, तो सेंसेक्स नए शिखर को छू सकता है।


डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।

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