नदियों को जीने दो- तभी वे हमें जीवन देंगी
• भूपेन्द्र शर्मा / 9893634566 नदियां जीवन का इतिहास हैं, वर्तमान हैं, भविष्य भी। स्वार्थवश हमने नदियों से नाता तोड़ लिया। हमें सोचना होगा कि नदियां तो हमें जीवन देती हैं और हम उन्हें जीने नहीं देते। यदि आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन की फलीफूली विरासत छोड़ना है, तो हमें नदी की तरह सोचना…