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विश्व स्वास्थ्य दिवस 2026: ‘विज्ञान के साथ खड़े हों’ – एक स्वस्थ कल की ओर बढ़ते कदम

विश्व स्वास्थ्य दिवस 2026: ‘विज्ञान के साथ खड़े हों’ – एक स्वस्थ कल की ओर बढ़ते कदम

फीचर डेस्क BDC News|bhopalonline.org हर साल 7 अप्रैल को दुनिया भर में ‘विश्व स्वास्थ्य दिवस’ मनाया जाता है। यह दिन न केवल विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के स्थापना दिवस का प्रतीक है, बल्कि यह पूरी मानवता को अपनी सबसे बड़ी पूंजी—’स्वास्थ्य’—के प्रति सचेत करने का भी अवसर है। वर्ष 2026 में, हम एक ऐसे मोड़…

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मोहन का मंत्रालय: कलेक्टर की ‘रील’ बनाम नेताओं की ‘पील’, मंत्रालय में फाइल की ‘बुलेट ट्रेन’ और सियासी संग्राम

मोहन का मंत्रालय: कलेक्टर की ‘रील’ बनाम नेताओं की ‘पील’, मंत्रालय में फाइल की ‘बुलेट ट्रेन’ और सियासी संग्राम

आशीष चौधरी…. हर मंगलवार कलेक्टर साहब की ‘रील’ बनाम नेताओं की ‘पील’ विंध्य के एक नवागत कलेक्टर साहब इन दिनों ‘मंत्रालय’ से लेकर ‘मेटा’ (फेसबुक-इंस्टाग्राम) तक छाए हुए हैं। साहब जनसुनवाई में ऐसे घुल-मिल रहे हैं कि जनता को उनमें अपना ‘मसीहा’ और नेताओं को अपना ‘प्रतिद्वंद्वी’ नज़र आने लगा है। पुराने जिले में भी…

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AI छवि

नदियों को जीने दो- तभी वे हमें जीवन देंगी

• भूपेन्‍द्र शर्मा / 9893634566 नदियां जीवन का इतिहास हैं, वर्तमान हैं, भविष्‍य भी। स्‍वार्थवश हमने नदियों से नाता तोड़ लिया। हमें सोचना होगा कि नदियां तो हमें जीवन देती हैं और हम उन्‍हें जीने नहीं देते। यदि आने वाली पीढ़ि‍यों के लिए जीवन की फलीफूली विरासत छोड़ना है, तो हमें नदी की तरह सोचना…

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उम्मीद.. रिश्तों के पटरी पर आने की। बांग्लादेश-भारत

बांग्लादेश में ‘तारिक’ युग की शुरुआत: क्या भारत के साथ बहाल होंगे संबंध?

अजय तिवारी, संपादक दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में एक बड़ा उलटफेर हो चुका है। बांग्लादेश में हुए आम चुनावों में तारिक रहमान की पार्टी BNP ने 299 में से 165 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। दशकों तक शेख हसीना के साथ प्रगाढ़ संबंधों के बाद, अब नई दिल्ली के सामने एक नई…

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लोकसभा बहस

बजट सत्र 2026: संसदीय गरिमा पर भारी पड़ी ‘एपस्टीन फाइल्स’ की सनसनी

क्या विदेशी फाइलें तय करेंगी देश का राजनीतिक विमर्श? अजय तिवारी. संपादक संसद के भीतर आज जो दृश्य उभरा, उसने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हमारा लोकतंत्र ‘लोकहित’ से भटककर ‘हेडलाइन हंटिंग’ (सुर्खियां बटोरने) का शिकार हो गया है? बजट सत्र, जो कायदे से देश की तिजोरी के…

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ugc

यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026: समानता का संकल्प या नए विवादों की नींव?

अजय तिवारी. संपादक यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) द्वारा 15 जनवरी 2026 से लागू किए गए नए ‘इक्विटी रेगुलेशन’ ने देश भर के परिसरों में एक नई वैचारिक जंग छेड़ दी है। 2012 के पुराने नियमों को प्रतिस्थापित करते हुए लाए गए इन प्रावधानों का प्राथमिक उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति, लिंग और सामाजिक पृष्ठभूमि…

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गणतंत्र दिवस विशेष

गणतंत्र का महापर्व: अधिकारों की हुंकार और कर्तव्यों की पुकार

अजय तिवारी, संपादक26 जनवरी का दिन केवल एक कैलेंडर की तारीख या राष्ट्रीय अवकाश मात्र नहीं होता, बल्कि यह भारतीय लोकतन्त्र की आत्मा के पुनरावलोकन का क्षण होता है। 1950 में आज ही के दिन हमने दुनिया के सबसे व्यापक और प्रगतिशील संविधान को अंगीकार किया था। संविधान ने हमें ‘प्रजा’ से ‘नागरिक’ बनाया और…

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International Education Day

अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस: युवा शक्ति, शिक्षा प्रणाली और वास्तविकता

अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस विशेष 24 जनवरी 2026 डॉ. प्रितम भि. गेडाम पृथ्वी पर मनुष्य के पास शिक्षा एक ऐसा बेशकीमती मौका है, जो जीवन में हर क्षेत्र, हर उच्च पद, काबिलियत और विकास का जरिया बनता है और हर वह मुकाम हासिल करने के लायक जो मनुष्य चाहता है, यह शिक्षा ही दिलाती हैं। इसके…

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NGT

जहरीली होती हवा और प्रशासन की निष्क्रियता

अजय तिवारी, संपादकनेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की भोपाल बेंच द्वारा मध्य प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में वायु प्रदूषण की भयावह स्थिति पर जताई गई चिंता केवल एक कानूनी आदेश नहीं, बल्कि प्रदेश के सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बजती खतरे की घंटी है। मध्य प्रदेश, जो अपनी हरियाली और स्वच्छ वातावरण के लिए जाना जाता…

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dog SC

आवारा कुत्तों का आतंक और अदालती हंटर: संवेदनशीलता बनाम सुरक्षा की बहस

अजय तिवारी, संपादक सड़कों पर आवारा कुत्तों का मुद्दा अब केवल नगर निगम की फाइलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक गंभीर सार्वजनिक सुरक्षा संकट बन चुका है। हाल के दिनों में मासूम बच्चों और बुजुर्गों पर कुत्तों के जानलेवा हमलों ने देश को झकझोर कर रख दिया है। इसी पृष्ठभूमि में सुप्रीम कोर्ट…

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ग्रीनलैंड

ग्रीनलैंड अमेरिका विवाद: अमेरिका और यूरोप के रास्ते अलग होंगे?

अजय तिवारी. संपादक इतिहास खुद को दोहराता है, लेकिन कभी-कभी उसकी कीमत बहुत भारी होती है। हाल के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों में ‘ग्रीनलैंड’ एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। अमेरिका की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति और आर्कटिक क्षेत्र में बढ़ते प्रभाव की चाहत ने यूरोपीय संघ (EU) को एक कड़ा बयान जारी करने पर मजबूर…

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‘कृषक कल्याण वर्ष’: अन्नदाता से ऊर्जादाता तक का सफर

‘कृषक कल्याण वर्ष’: अन्नदाता से ऊर्जादाता तक का सफर

अजय तिवारी. BDC NEWS ‘कृषक कल्याण वर्ष’: मध्यप्रदेश ने एक बार फिर देश के सामने ‘कृषि-प्रधान’ होने का वास्तविक अर्थ प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में समर्पित करना इस बात का प्रमाण है कि राज्य की समृद्धि का मार्ग खेतों की पगडंडियों से होकर…

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I-PAC: संवैधानिक मर्यादा, जांच की स्वायत्तता और चुनावी रणनीतियों का द्वंद्व

I-PAC: संवैधानिक मर्यादा, जांच की स्वायत्तता और चुनावी रणनीतियों का द्वंद्व

जांच की स्वायत्तता और राजनीतिक डेटा की गोपनीयता का महासंग्राम अजय तिवारी, संपादक भारतीय राजनीति और न्यायपालिका के इतिहास में कुछ मामले ऐसे होते हैं, जो न केवल वर्तमान सत्ता संघर्ष को दर्शाते हैं, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करते हैं। पश्चिम बंगाल में आई-पैक के कार्यालयों और उसके निदेशक प्रतीक…

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राष्‍ट्रीय युवा दिवस: सुसंगठित राष्‍ट्र निर्माण में योगदान दे युवा शक्ति

राष्‍ट्रीय युवा दिवस: सुसंगठित राष्‍ट्र निर्माण में योगदान दे युवा शक्ति

12 जनवरी, राष्‍ट्रीय युवा दिवस स्वामी विवेकानंद ने जिस भारत का स्वप्न देखा था, उसका आधार केवल भौतिक संपन्नता नहीं, बल्कि आत्मिक एवं चारित्रिक श्रेष्ठता थी। उनके अनुसार, राष्ट्र का पुनरुत्थान तभी संभव है, जब देश का युवा वर्ग अपनी सुषुप्त ऊर्जा को पहचानकर ‘आत्मवत् सर्वभूतेषु’ के भाव से समाज की सेवा में समर्पित हो…

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कांग्रेस में ‘संगठन’ पर छिड़ी रार: दिग्विजय की ‘तारीफ’ और राहुल की ‘चुटकी’ के राजनीतिक मायने

कांग्रेस में ‘संगठन’ पर छिड़ी रार: दिग्विजय की ‘तारीफ’ और राहुल की ‘चुटकी’ के राजनीतिक मायने

अजय तिवारी, BDC News भारतीय राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह अक्सर अपने बयानों से चर्चा में रहते हैं, लेकिन हाल ही में कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक से पहले उनके एक सोशल मीडिया पोस्ट ने पार्टी के भीतर और बाहर एक नया विवाद खड़ा कर दिया…

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भारत-बांग्लादेश संबंध सबसे कठिन और अनिश्चित दौर में

भारत-बांग्लादेश संबंध सबसे कठिन और अनिश्चित दौर में

अजय तिवारी भारत और बांग्लादेश के संबंध, जो कभी ‘सुनहरे अध्याय’ के रूप में देखे जाते थे, वर्ष 2025 के अंत तक अपने सबसे कठिन और अनिश्चित दौर से गुजर रहे हैं। अगस्त 2024 में शेख हसीना के पतन के बाद से शुरू हुआ यह राजनीतिक बदलाव अब एक गहरे राजनयिक संकट में तब्दील हो…

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सबके हृदय के राम थे “हिरदाराम साहिब”

सबके हृदय के राम थे “हिरदाराम साहिब”

महाप्रयाण दिवस 21 दिसंबर 2009 अजय तिवारी बहुत अंधेरी और सन्नाटे भरी थी वह रात… उस रात संतनगर में सबके “हृदय के राम” स्वामी संत हिरदारामजी” के ब्रह्मलीन होने की खबर हवा में बह रही थी। 20 दिसंबर 2006 तारीख थी, समय था रात 10 बजे। बैरागढ़ (संत हिरदाराम नगर) स्तब्ध था। हर आंख नम…

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केवल जागरूक और सतर्क उपभोक्ता ही सुरक्षित

केवल जागरूक और सतर्क उपभोक्ता ही सुरक्षित

राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस विशेष 24 दिसंबर 2025 डॉ. प्रितम भि. गेडाम आज के डिजिटल युग में आर्थिक व्यवहार या खरीदारी तो आसान हो गयी, लेकिन उसी मात्रा में धोखाधड़ी, बनावट उत्पाद, मिलावटखोरी और साइबर अपराध भी हद से ज्यादा बढ़ गए। दूसरों पर अंधा भरोसा, दिखावा, भ्रामक विज्ञापन, झूठे वादे पर विश्वास न करके…

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विश्व महासागर दिवस 2026: महासागरों का संरक्षण क्यों है इतना ज़रूरी?

विश्व महासागर दिवस 2026: महासागरों का संरक्षण क्यों है इतना ज़रूरी?

हर साल 8 जून को दुनिया भर में विश्व महासागर दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमें हमारे ग्रह के विशाल और रहस्यमयी महासागरों के महत्व को समझने, उनकी रक्षा करने और उनके सामने आ रही चुनौतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने का अवसर देता है। महासागर न केवल पृथ्वी का एक बड़ा हिस्सा घेरते…

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स्वाधीनता: अधिकार, कर्तव्य और पाबंदियां

स्वाधीनता: अधिकार, कर्तव्य और पाबंदियां

अजय तिवारी. एडिटर इन चीफअक्सर हम स्वाधीनता और स्वतंत्रता को एक ही मानते हैं, लेकिन दोनों में एक सूक्ष्म और गहरा अंतर है। स्वतंत्रता हमें अपनी इच्छा अनुसार कुछ भी करने की छूट देती है, जबकि स्वाधीनता हमें यह मौका देती है कि हम अपने जीवन का निर्माण खुद करें, लेकिन समाज के प्रति अपने…

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