गणतंत्र दिवस विशेष

गणतंत्र का महापर्व: अधिकारों की हुंकार और कर्तव्यों की पुकार

अजय तिवारी, संपादक26 जनवरी का दिन केवल एक कैलेंडर की तारीख या राष्ट्रीय अवकाश मात्र नहीं होता, बल्कि यह भारतीय लोकतन्त्र की आत्मा के पुनरावलोकन का क्षण होता है। 1950 में आज ही के दिन हमने दुनिया के सबसे व्यापक और प्रगतिशील संविधान को अंगीकार किया था। संविधान ने हमें ‘प्रजा’ से ‘नागरिक’ बनाया और…

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International Education Day

अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस: युवा शक्ति, शिक्षा प्रणाली और वास्तविकता

अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस विशेष 24 जनवरी 2026 डॉ. प्रितम भि. गेडाम पृथ्वी पर मनुष्य के पास शिक्षा एक ऐसा बेशकीमती मौका है, जो जीवन में हर क्षेत्र, हर उच्च पद, काबिलियत और विकास का जरिया बनता है और हर वह मुकाम हासिल करने के लायक जो मनुष्य चाहता है, यह शिक्षा ही दिलाती हैं। इसके…

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NGT

जहरीली होती हवा और प्रशासन की निष्क्रियता

अजय तिवारी, संपादकनेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की भोपाल बेंच द्वारा मध्य प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में वायु प्रदूषण की भयावह स्थिति पर जताई गई चिंता केवल एक कानूनी आदेश नहीं, बल्कि प्रदेश के सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बजती खतरे की घंटी है। मध्य प्रदेश, जो अपनी हरियाली और स्वच्छ वातावरण के लिए जाना जाता…

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dog SC

आवारा कुत्तों का आतंक और अदालती हंटर: संवेदनशीलता बनाम सुरक्षा की बहस

अजय तिवारी, संपादक सड़कों पर आवारा कुत्तों का मुद्दा अब केवल नगर निगम की फाइलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक गंभीर सार्वजनिक सुरक्षा संकट बन चुका है। हाल के दिनों में मासूम बच्चों और बुजुर्गों पर कुत्तों के जानलेवा हमलों ने देश को झकझोर कर रख दिया है। इसी पृष्ठभूमि में सुप्रीम कोर्ट…

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ग्रीनलैंड

ग्रीनलैंड अमेरिका विवाद: अमेरिका और यूरोप के रास्ते अलग होंगे?

अजय तिवारी. संपादक इतिहास खुद को दोहराता है, लेकिन कभी-कभी उसकी कीमत बहुत भारी होती है। हाल के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों में ‘ग्रीनलैंड’ एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। अमेरिका की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति और आर्कटिक क्षेत्र में बढ़ते प्रभाव की चाहत ने यूरोपीय संघ (EU) को एक कड़ा बयान जारी करने पर मजबूर…

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‘कृषक कल्याण वर्ष’: अन्नदाता से ऊर्जादाता तक का सफर

‘कृषक कल्याण वर्ष’: अन्नदाता से ऊर्जादाता तक का सफर

अजय तिवारी. BDC NEWS ‘कृषक कल्याण वर्ष’: मध्यप्रदेश ने एक बार फिर देश के सामने ‘कृषि-प्रधान’ होने का वास्तविक अर्थ प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में समर्पित करना इस बात का प्रमाण है कि राज्य की समृद्धि का मार्ग खेतों की पगडंडियों से होकर…

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I-PAC: संवैधानिक मर्यादा, जांच की स्वायत्तता और चुनावी रणनीतियों का द्वंद्व

I-PAC: संवैधानिक मर्यादा, जांच की स्वायत्तता और चुनावी रणनीतियों का द्वंद्व

जांच की स्वायत्तता और राजनीतिक डेटा की गोपनीयता का महासंग्राम अजय तिवारी, संपादक भारतीय राजनीति और न्यायपालिका के इतिहास में कुछ मामले ऐसे होते हैं, जो न केवल वर्तमान सत्ता संघर्ष को दर्शाते हैं, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करते हैं। पश्चिम बंगाल में आई-पैक के कार्यालयों और उसके निदेशक प्रतीक…

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राष्‍ट्रीय युवा दिवस: सुसंगठित राष्‍ट्र निर्माण में योगदान दे युवा शक्ति

राष्‍ट्रीय युवा दिवस: सुसंगठित राष्‍ट्र निर्माण में योगदान दे युवा शक्ति

12 जनवरी, राष्‍ट्रीय युवा दिवस स्वामी विवेकानंद ने जिस भारत का स्वप्न देखा था, उसका आधार केवल भौतिक संपन्नता नहीं, बल्कि आत्मिक एवं चारित्रिक श्रेष्ठता थी। उनके अनुसार, राष्ट्र का पुनरुत्थान तभी संभव है, जब देश का युवा वर्ग अपनी सुषुप्त ऊर्जा को पहचानकर ‘आत्मवत् सर्वभूतेषु’ के भाव से समाज की सेवा में समर्पित हो…

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कांग्रेस में ‘संगठन’ पर छिड़ी रार: दिग्विजय की ‘तारीफ’ और राहुल की ‘चुटकी’ के राजनीतिक मायने

कांग्रेस में ‘संगठन’ पर छिड़ी रार: दिग्विजय की ‘तारीफ’ और राहुल की ‘चुटकी’ के राजनीतिक मायने

अजय तिवारी, BDC News भारतीय राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह अक्सर अपने बयानों से चर्चा में रहते हैं, लेकिन हाल ही में कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक से पहले उनके एक सोशल मीडिया पोस्ट ने पार्टी के भीतर और बाहर एक नया विवाद खड़ा कर दिया…

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भारत-बांग्लादेश संबंध सबसे कठिन और अनिश्चित दौर में

भारत-बांग्लादेश संबंध सबसे कठिन और अनिश्चित दौर में

अजय तिवारी भारत और बांग्लादेश के संबंध, जो कभी ‘सुनहरे अध्याय’ के रूप में देखे जाते थे, वर्ष 2025 के अंत तक अपने सबसे कठिन और अनिश्चित दौर से गुजर रहे हैं। अगस्त 2024 में शेख हसीना के पतन के बाद से शुरू हुआ यह राजनीतिक बदलाव अब एक गहरे राजनयिक संकट में तब्दील हो…

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सबके हृदय के राम थे “हिरदाराम साहिब”

सबके हृदय के राम थे “हिरदाराम साहिब”

महाप्रयाण दिवस 21 दिसंबर 2009 अजय तिवारी बहुत अंधेरी और सन्नाटे भरी थी वह रात… उस रात संतनगर में सबके “हृदय के राम” स्वामी संत हिरदारामजी” के ब्रह्मलीन होने की खबर हवा में बह रही थी। 20 दिसंबर 2006 तारीख थी, समय था रात 10 बजे। बैरागढ़ (संत हिरदाराम नगर) स्तब्ध था। हर आंख नम…

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केवल जागरूक और सतर्क उपभोक्ता ही सुरक्षित

केवल जागरूक और सतर्क उपभोक्ता ही सुरक्षित

राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस विशेष 24 दिसंबर 2025 डॉ. प्रितम भि. गेडाम आज के डिजिटल युग में आर्थिक व्यवहार या खरीदारी तो आसान हो गयी, लेकिन उसी मात्रा में धोखाधड़ी, बनावट उत्पाद, मिलावटखोरी और साइबर अपराध भी हद से ज्यादा बढ़ गए। दूसरों पर अंधा भरोसा, दिखावा, भ्रामक विज्ञापन, झूठे वादे पर विश्वास न करके…

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विश्व महासागर दिवस 2026: महासागरों का संरक्षण क्यों है इतना ज़रूरी?

विश्व महासागर दिवस 2026: महासागरों का संरक्षण क्यों है इतना ज़रूरी?

हर साल 8 जून को दुनिया भर में विश्व महासागर दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमें हमारे ग्रह के विशाल और रहस्यमयी महासागरों के महत्व को समझने, उनकी रक्षा करने और उनके सामने आ रही चुनौतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने का अवसर देता है। महासागर न केवल पृथ्वी का एक बड़ा हिस्सा घेरते…

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स्वाधीनता: अधिकार, कर्तव्य और पाबंदियां

स्वाधीनता: अधिकार, कर्तव्य और पाबंदियां

अजय तिवारी. एडिटर इन चीफअक्सर हम स्वाधीनता और स्वतंत्रता को एक ही मानते हैं, लेकिन दोनों में एक सूक्ष्म और गहरा अंतर है। स्वतंत्रता हमें अपनी इच्छा अनुसार कुछ भी करने की छूट देती है, जबकि स्वाधीनता हमें यह मौका देती है कि हम अपने जीवन का निर्माण खुद करें, लेकिन समाज के प्रति अपने…

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जनजातीय नायकों का स्वतंत्रता संग्राम: मध्यप्रदेश में सबसे पहले फूँका था आजादी का बिगुल

जनजातीय नायकों का स्वतंत्रता संग्राम: मध्यप्रदेश में सबसे पहले फूँका था आजादी का बिगुल

BDC News. आलेख प्रभाग भारत की स्वतंत्रता के लिए जनजातियों का संघर्ष अद्वितीय रहा है। मध्यप्रदेश में भी जनजातीय नायकों ने अंग्रेजों के खिलाफ सबसे पहले हथियार उठाए और अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। 1817 के खानदेश विद्रोह से लेकर 1857 के महासंग्राम तक, भील, भिलाला और गोंड जैसे समुदायों ने अपनी स्वाधीनता और स्वाभिमान…

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दमोह: बुंदेला विद्रोह से शुरू हुआ था पहला स्वतंत्रता संग्राम। विशेष

दमोह: बुंदेला विद्रोह से शुरू हुआ था पहला स्वतंत्रता संग्राम। विशेष

दमोह. रंजीत अहिरवार. BDC Newsभारत के पहले स्वतंत्रता संग्राम का आगाज़ 1842 में दमोह जिले से हुआ था, जिसे ‘बुंदेला विद्रोह’ के नाम से जाना जाता है। इ1825 में मालगुजारों को बेदखल करने की अंग्रेजों की ‘बंदोबस्त’ नीति ने दमोह और सागर जिलों में व्यापक असंतोष फैला दिया था, जिसने इस विद्रोह की नींव रखी।…

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विश्व हाथी दिवस: 12 अगस्त को क्यों मनाया जाता है यह दिन? जानें इतिहास, महत्व और संरक्षण के उपाय

विश्व हाथी दिवस: 12 अगस्त को क्यों मनाया जाता है यह दिन? जानें इतिहास, महत्व और संरक्षण के उपाय

विश्व हाथी दिवस 2025: हाथियों के संरक्षण का संकल्प BDC NEWS. आलेख प्रभाग हर साल 12 अगस्त को दुनिया भर में विश्व हाथी दिवस (World Elephant Day) मनाया जाता है। यह दिन हाथियों के संरक्षण और उनके सामने आने वाली चुनौतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए समर्पित है। हाथियों को पृथ्वी पर सबसे बुद्धिमान…

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जनहित के मुद्दे हाशिये पर, सड़कों पर ‘वोट बचाओ’ का ड्रामा

जनहित के मुद्दे हाशिये पर, सड़कों पर ‘वोट बचाओ’ का ड्रामा

BDC News अजय तिवारी, एडिटर इन चीफ आज संसद से लेकर सड़कों तक जो नजारा देखने को मिला, वह भारतीय राजनीति की नई विडंबना को उजागर करता है। देश के करीब 300 विपक्षी सांसद, जिनमें बड़े-बड़े दिग्गज नेता शामिल हैं, “वोट चोरी” और वोटर वेरिफिकेशन के कथित आरोपों को लेकर सड़क पर उतर आए। इनका…

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विशेष: जान न्योछावर कर हासिल की थी हमारे लिए आजादी

विशेष: जान न्योछावर कर हासिल की थी हमारे लिए आजादी

BDC News. आलेख प्रभाग भारतीय स्वाधीनता संग्राम केवल अहिंसक आंदोलनों का ही इतिहास नहीं है, बल्कि यह उन महान क्रांतिकारियों के बलिदान और साहस की भी गाथा है, जिन्होंने अपनी जान की बाजी लगाकर देश को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त कराने का सपना देखा था। इन क्रांतिकारियों ने सशस्त्र क्रांति का मार्ग चुना और…

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ट्रंप का टैरिफ: एशिया में बन रहा नया संतुलन.. भारत के लिए चुनौती और अवसर भी

ट्रंप का टैरिफ: एशिया में बन रहा नया संतुलन.. भारत के लिए चुनौती और अवसर भी

अजय तिवारी, एडिटर इन चीफ भारत के लिए ट्रंप की यह नीति एक बड़ी चुनौती है, लेकिन साथ ही एक अवसर भी है। अमेरिका द्वारा रूस से तेल खरीदने पर भारत पर 50% का अतिरिक्त टैरिफ लगाना इसका सबसे ताजा उदाहरण है। यह कदम भारत पर दबाव बनाने की कोशिश है, ताकि वह रूस से…

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