स्टेडियम से सड़कों तक उतरे हजारों छात्र, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
रांची। BDC NEWS
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झारखंड की राजधानी रांची में PSC और SSC परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। देर रात से ही 5,000 से अधिक छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में एकत्र हो गए थे, जो सुबह होते ही भारी संख्या में सड़कों पर उतर आए। छात्र तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से मार्च निकालते हुए झारखंड विधानसभा की ओर बढ़ रहे हैं। इस दौरान कई स्थानों पर छात्र बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ते नजर आए।
6 लेयर सुरक्षा और BNS की धारा 163 लागू

छात्रों के इस बड़े प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। शहर के प्रमुख मार्गों और विधानसभा के आसपास BNS की धारा 163 लागू कर दी गई है। विधानसभा के मेन गेट के पास 6 लेयर की भारी बैरिकेडिंग की गई है और 2 किलोमीटर के दायरे में वाटर कैनन व राइट कंट्रोल वैन तैनात हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अन्य जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है, जबकि कुल 2,000 जवानों को सुरक्षा में लगाया गया है।
बीजेपी ने खोला मोर्चा, सीएम हाउस के बाहर प्रदर्शन

छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिल रहा है। झारखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में पार्टी के कई बड़े नेताओं—पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी, विधायक सीपी सिंह, नीरा यादव और नवीन जायसवाल—ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना दिया और जमकर नारेबाजी की। भाजपा ने इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग की है। हालांकि, बाद में पुलिस ने सभी बीजेपी नेताओं को वहां से हटा दिया। दूसरी ओर, भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो एंबुलेंस के जरिए विधानसभा घेरने के लिए रवाना हुए।
JPSC में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल और ED की एंट्री
एक तरफ जहां छात्र सड़कों पर हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक स्तर पर भी बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं। JPSC परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एनफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (ECIR) दर्ज कर मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से आधिकारिक जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा, JPSC के तीन सदस्यों—अजीता भट्टाचार्य, जमील अहमद और अनिमा हांसदा—ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसे राज्यपाल ने मंजूर कर लिया है। इससे पहले 22 जुलाई को चेयरपर्सन एल. खियांग्ते भी इस्तीफा दे चुके हैं। फिलहाल इस मामले की CID जांच जारी है।