MP Aviation Revolution: 2030 तक 10 मिलियन यात्री क्षमता का लक्ष्य
भोपाल।
BDC News | bhopalonline.org
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को देश का प्रमुख विमानन और लॉजिस्टिक्स हब बनाने का संकल्प दोहराया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘उड़ान’ विजन को धरातल पर उतारते हुए वर्ष 2030 तक प्रदेश की विमानन क्षमता में ऐतिहासिक विस्तार करने जा रही है। इसका उद्देश्य न केवल हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाना है, बल्कि माल ढुलाई (कार्गो) क्षमता को भी 20 हजार मीट्रिक टन तक पहुँचाना है।
इंदौर-देवास-उज्जैन कॉरिडोर में बनेगा इंटरनेशनल एयरपोर्ट
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि औद्योगिक विकास को गति देने के लिए इंदौर-देवास-उज्जैन क्षेत्र में एक अत्याधुनिक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा और ‘एयरपोर्ट सिटी’ विकसित की जाएगी। पीपीपी (PPP) मॉडल पर आधारित इस परियोजना से निवेश के नए द्वार खुलेंगे और रोजगार के हजारों अवसर सृजित होंगे। ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट पॉलिसी के माध्यम से निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है ताकि यात्रियों को वैश्विक स्तर की सुविधाएं मिल सकें।
धार्मिक पर्यटन को मिले ‘हेली’ सेवा के पंख
प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत को हवाई मार्ग से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा’ और ‘धार्मिक पर्यटन हेली सेवा’ के माध्यम से श्रद्धालुओं की राह आसान हुई है। हाल ही में ओरछा और चित्रकूट के लिए शुरू हुई हेली सेवा ने ‘हरि-हर-दर्शन’ की कल्पना को साकार किया है। वर्तमान में भोपाल, इंदौर, जबलपुर और खजुराहो सहित 8 प्रमुख केंद्र इस नेटवर्क का हिस्सा हैं।
तहसील स्तर तक हवाई सुविधाओं का विकेंद्रीकरण
मुख्यमंत्री का विजन हवाई सेवाओं को केवल महानगरों तक सीमित रखना नहीं है। उन्होंने घोषणा की कि राज्य के हर तहसील ब्लॉक में हेलीपैड विकसित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि:
- हर 150 किमी पर एक कमर्शियल एयरपोर्ट हो।
- हर 75 किमी पर एक एयरस्ट्रिप उपलब्ध हो।
- हर 45 किमी के दायरे में हेलीपैड की सुविधा हो। यह बुनियादी ढांचा न केवल आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए भी वरदान साबित होगा।
एविएशन पॉलिसी-2025: ट्रेनिंग और रोजगार पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘सिविल एविएशन पॉलिसी-2025’ को गेम-चेंजर बताया। इस नीति के तहत सिवनी, सागर, गुना और रतलाम सहित 11 हवाई पट्टियों को फ्लाइट ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTO) के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे मध्यप्रदेश पायलट ट्रेनिंग और एविएशन एजुकेशन का बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा, जिससे युवाओं को तकनीकी क्षेत्रों में सीधे रोजगार मिलेगा।
लेटेस्ट अपडेट
- RBI Policy से पहले शेयर बाजार में बहार, सेंसेक्स 74,500 के पार; इन्फोसिस और अदाणी पोर्ट्स चमके

- नोएडा की आइवी काउंटी के 12वें फ्लोर पर शॉर्ट सर्किट से भड़की लपटें, मची अफरा-तफरी

- सोने का भाव आज का 5 जून 2026: सोना हुआ सस्ता या महंगा?

- एमपी मौसम: मप्र के 45 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, भोपाल में भारी तबाही, जानें मानसून कब आएगा

- आज का पंचांग 5 जून 2026: जानिए मेष से मीन तक का राशिफल और मूलांक फल

- Muzaffarpur Prasad Hospital Fire : मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में भीषण आग, 5 मरीजों की मौत

- छोले भटूरे रेसिपी: घर पर बनाएं हलवाई जैसे फूले-फूले भटूरे और मसालेदार छोले

- एमपी मौसम अपडेट: प्री-मानसून की धमाकेदार एंट्री, 15 से अधिक जिलों में भारी बारिश और आंधी



.png)




