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दाल बाटी : पारंपरिक राजस्थानी स्वाद (Dal Baati Recipe), खाएंगे, बार-बार बनाएंगे

राजस्थानी और यूपी का स्वाद राजस्थानी और यूपी का स्वाद

भोपाल। BDC News | bhopalonline.org

बाटी बनाने की सामग्री:

  • गेहूं का आटा: 2 कप (मोटा पिसा हुआ हो तो बेहतर)
  • सूजी: 1/4 कप (कुरकुरेपन के लिए)
  • घी: 1/4 कप (मोयन के लिए)
  • अजवाइन: 1/2 चम्मच
  • नमक: स्वादानुसार
  • गुनगुना पानी: आटा गूंथने के लिए

दाल (पंचमेल दाल) की सामग्री:

  • दालें: अरहर, मूंग, चना, मसूर और उड़द (समान मात्रा में कुल 1 कप)
  • मसाले: अदरक-लहसुन पेस्ट, हरी मिर्च, हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, गरम मसाला और हींग।
  • तड़का: घी, जीरा, राई और सूखी लाल मिर्च।

बनाने की विधि

1. बाटी तैयार करें:

एक बड़े बर्तन में आटा, सूजी, नमक, अजवाइन और घी मिलाकर अच्छी तरह मिला लें। अब गुनगुने पानी की मदद से एक सख्त आटा गूंथ लें। आटे को 20 मिनट के लिए ढककर रख दें। इसके बाद आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर गोल आकार दें और बीच में अंगूठे से हल्का दबाव दें।

2. बाटी को सेकें:

बाटी को ओवन (Tandoor) या गैस तंदूर पर धीमी आंच पर सुनहरा भूरा होने तक सेकें। पारंपरिक रूप से इसे कंडों (उपलों) की आग पर सेका जाता है, जिससे इसमें सोंधापन आता है। सिकने के बाद इन्हें हल्के हाथ से फोड़कर शुद्ध घी में डुबो दें।

3. दाल तैयार करें:

सभी दालों को मिलाकर कुकर में नमक और हल्दी डालकर उबाल लें। एक कड़ाही में घी गर्म करें, उसमें जीरा, हींग और मसालों का तड़का तैयार करें। उबली हुई दाल को तड़के में डालें और हरा धनिया डालकर गार्निश करें।


दाल बाटी का इतिहास और महत्व

दाल बाटी कहां का व्यंजन है? दाल बाटी मुख्य रूप से राजस्थान का गौरव है, लेकिन यह मध्य प्रदेश (मालवा क्षेत्र) और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बेहद चाव से खाया जाता है।

दाल बाटी का इतिहास:
माना जाता है कि बाटी का आविष्कार मेवाड़ साम्राज्य के दौरान युद्ध के समय हुआ था। सैनिक आटे की लोइयां बनाकर रेगिस्तान की गर्म रेत में दबा देते थे और शाम को लौटने पर वे सिककर तैयार मिलती थीं। इसे घी और ऊंटनी के दूध या दही के साथ खाया जाता था। कालांतर में इसके साथ दाल और ‘चूरमा’ (मीठा व्यंजन) भी जुड़ गया, जिससे यह दाल-बाटी-चूरमा की एक पूर्ण थाली बन गई।

राजस्थानी चूरमा: मीठा और दानेदार स्वाद (Churma Recipe)

सामग्री (Ingredients):

  • गेहूं का आटा: 2 कप (थोड़ा दरदरा हो तो ज्यादा अच्छा)
  • सूजी (रवा): 1/4 कप (दानेदार बनावट के लिए)
  • शुद्ध घी: 1/2 कप (आटे में मोयन और बाद में मिलाने के लिए)
  • दूध या गुनगुना पानी: आटा गूंथने के लिए
  • चीनी का बूरा या पिसी चीनी: 1 कप (स्वादानुसार)
  • इलायची पाउडर: 1 छोटा चम्मच
  • कटे हुए ड्राई फ्रूट्स: बादाम, काजू और पिस्ता (इच्छानुसार)

बनाने की विधि (Step-by-Step Process)

मुठिया तैयार करना:

एक परात में आटा, सूजी और 3-4 बड़े चम्मच घी (मोयन) डालकर अच्छी तरह मिलाएं। अब थोड़ा-थोड़ा दूध या गुनगुना पानी डालकर एक बहुत ही सख्त (Tight) आटा गूंथ लें। इस आटे से मुट्ठी में दबाकर छोटे-छोटे ‘मुठिया’ (लम्बे आकार के गोले) बना लें।

मुठिया को तलना या सेकना:

एक कड़ाही में घी गर्म करें और धीमी आंच पर इन मुठिया को सुनहरा भूरा (Golden Brown) और कुरकुरा होने तक तलें। (स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग इन्हें ओवन या तंदूर में बाटी की तरह सेक भी सकते हैं)

पीसना और मिश्रण तैयार करना:

जब मुठिया ठंडे हो जाएं, तो इन्हें हाथों से छोटे टुकड़ों में तोड़ लें। अब इन टुकड़ों को मिक्सर में डालकर दरदरा पीस लें (ज्यादा बारीक पाउडर न बनाएं)। पिसे हुए मिश्रण को एक बारीक छलनी से छान लें ताकि बड़े टुकड़े अलग हो जाएं।

फाइनल टच:

अब इस दरदरे मिश्रण में पिसी हुई चीनी (बूरा), इलायची पाउडर और बारीक कटे हुए ड्राई फ्रूट्स मिलाएं। अंत में, बचा हुआ गर्म घी ऊपर से डालें और अच्छी तरह मिक्स करें। आपका लाजवाब राजस्थानी चूरमा तैयार है!


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