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लैब टेस्ट गाइड: किन ब्लड टेस्ट के लिए खाली पेट रहना जरूरी है? पूरी सूची और नियम

लैब टेस्ट गाइड: किन ब्लड टेस्ट के लिए खाली पेट रहना जरूरी है? पूरी सूची और नियम

गिरीश कुमार,
BDC News | bhopalonline.org

जब हम कुछ खाते या पीते हैं, तो पोषक तत्व हमारे रक्तप्रवाह (bloodstream) में मिल जाते हैं। इससे शुगर, फैट और अन्य रसायनों का स्तर अस्थायी रूप से बदल जाता है, जिससे लैब टेस्ट की रिपोर्ट गलत आ सकती है। सटीक परिणामों के लिए कई टेस्ट खाली पेट (Fasting) कराने की सलाह दी जाती है।

प्रमुख टेस्ट जिनमें ‘खाली पेट’ रहना अनिवार्य है

आमतौर पर इन टेस्ट के लिए 8 से 12 घंटे की फास्टिंग की जरूरत होती है:

ब्लड शुगर टेस्ट (Fasting Blood Sugar – FBS)

  • क्यों: यह डायबिटीज की जांच के लिए सबसे बुनियादी टेस्ट है। खाने के बाद शुगर लेवल बढ़ जाता है, इसलिए सटीक बेसलाइन जानने के लिए सुबह खाली पेट सैंपल देना जरूरी है।
  • फास्टिंग समय: 8-10 घंटे।

लिपिड प्रोफाइल (Lipid Profile / Cholesterol)

  • क्यों: यह शरीर में गुड और बैड कोलेस्ट्रॉल तथा ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides) की जांच करता है। भोजन में मौजूद वसा (fats) ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को तुरंत प्रभावित कर सकती है।
  • फास्टिंग समय: 10-12 घंटे।

थायराइड फंक्शन टेस्ट (Thyroid Profile – T3, T4, TSH)

  • क्यों: हालांकि इसके लिए सख्त फास्टिंग अनिवार्य नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि सुबह खाली पेट दवा लेने से पहले टेस्ट कराने पर हार्मोन का स्तर सबसे सटीक आता है।
  • टिप: यदि आप थायराइड की दवा लेते हैं, तो सैंपल देने के बाद ही दवा खाएं।

लिवर फंक्शन टेस्ट (Liver Function Test – LFT)

  • क्यों: लिवर के कुछ एंजाइम्स और बिलिरूबिन (Bilirubin) का स्तर भोजन के पाचन के दौरान बदल सकता है।
  • फास्टिंग समय: 8-12 घंटे।

किडनी फंक्शन टेस्ट (Renal/Kidney Function Test – KFT)

  • क्यों: क्रिएटिनिन और ब्लड यूरिया नाइट्रोजन (BUN) के स्तर पर हाल ही में खाए गए भोजन (विशेषकर प्रोटीन) का असर पड़ सकता है।

विटामिन B12 और आयरन टेस्ट

  • क्यों: आप जो खाना खाते हैं उसमें मौजूद विटामिन और मिनरल्स तुरंत रक्त में दिख सकते हैं, जिससे रिपोर्ट में इनकी मात्रा वास्तविक से अधिक आ सकती है।

फास्टिंग के दौरान क्या करें और क्या न करें?

क्या करें (Do’s)क्या न करें (Don’ts)
खूब पानी पिएं: सादा पानी पीने से नसें (veins) साफ़ दिखती हैं और ब्लड निकालना आसान होता है।चाय या कॉफी न पिएं: इनमें कैफीन और चीनी होती है जो नतीजों को बदल सकती है।
दवाइयां जारी रखें: जब तक डॉक्टर मना न करें, अपनी नियमित दवाइयां लेते रहें (डायबिटीज की दवा के लिए डॉक्टर से पूछें)।धूम्रपान न करें: सिगरेट पीने से भी ब्लड पैरामीटर्स प्रभावित हो सकते हैं।
सुबह जल्दी लैब जाएं: 12 घंटे से ज्यादा भूखे रहने पर भी रिपोर्ट गलत आ सकती है।व्यायाम न करें: जिम या भारी एक्सरसाइज से टेस्ट से पहले बचें।

लेखक- समता डायोनिस्टक सेंटर, मिनाल के डायरेक्टर है


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