सिंधी समाज ने व्यापार, शिक्षा और सेवा से देश की प्रगति में दिया अतुलनीय योगदान: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
भोपाल।BDC News| bhopalonline.org
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंधी समाज के गौरवशाली इतिहास और पुरुषार्थ की सराहना करते हुए कहा कि इस समाज ने अपनी मेहनत और सकारात्मक सोच से न केवल स्वयं को स्थापित किया, बल्कि देश और प्रदेश के विकास को नई दिशा भी दी है। भोपाल के रवीन्द्र भवन में आयोजित भगवान झूलेलाल जन्मोत्सव (चेटीचंड) कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि शीघ्र ही मुख्यमंत्री निवास में सिंधी समाज की विशेष पंचायत आयोजित की जाएगी।
सांस्कृतिक विरासत और विकास का संगम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत को संजोने के संकल्प पर काम कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर समुदाय की परंपराओं का सम्मान करना और सभी को प्रगति के समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। चेटीचंड को उन्होंने आस्था, एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया।
संघर्ष और साहस का इतिहास
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सिंधी समाज के ऐतिहासिक संघर्षों को याद किया:
- राजा दाहिर का योगदान: लगभग 1200 वर्ष पूर्व विधर्मियों से धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए राजा दाहिर के बलिदान को उन्होंने इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताया।
- विभाजन की विभीषिका: स्वतंत्रता के समय देश विभाजन की कठिन परिस्थितियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सिंधी समाज ने अत्यंत साहस के साथ शून्य से अपनी पहचान पुनः स्थापित की।
- महान विभूतियां: मुख्यमंत्री ने अमर शहीद हेमू कालानी के बलिदान को नमन किया और भारतीय राजनीति में लालकृष्ण आडवाणी के योगदान की विशेष रूप से सराहना की।
जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति और सांस्कृतिक झलक
कार्यक्रम में विधायक भगवान दास सबनानी ने मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश के हर वर्ग का तेजी से उत्थान हो रहा है। इस अवसर पर भोपाल महापौर मालती राय, सिंधी सेंट्रल पंचायत के प्रतिनिधि और समाज के वरिष्ठ जन उपस्थित थे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भगवान झूलेलाल के भजन और मनमोहक सांगीतिक प्रस्तुतियां रहीं।
रिपोर्ट: रवि नाथानी
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