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परंपरागत रूप से व्यापार और उद्यमिता के लिए पहचाने जाने वाले सिंधी समाज की नई पीढ़ी अब अपनी प्रतिभा का लोहा ग्लैमर और मॉडलिंग जगत में भी मनवा रही है। संतनगर सहित पूरे क्षेत्र में सिंधी युवक-युवतियों के बीच मॉडलिंग को लेकर एक नई लहर देखी जा रही है। जिस क्षेत्र को कभी महज एक शौक माना जाता था, उसे आज युवा एक स्थायी करियर और सम्मानजनक आय के स्रोत के रूप में अपना रहे हैं। समाज की बदलती सोच और आधुनिक अवसरों ने इस दिशा में नए द्वार खोल दिए हैं।
शिक्षण से मॉडलिंग तक: सोनिया खूबचंदानी की यात्रा
बदलते दौर की इस तस्वीर को संतनगर की सोनिया खूबचंदानी बखूबी पेश करती हैं। पिछले 7-8 वर्षों से ग्लैमर इंडस्ट्री में सक्रिय सोनिया ने अपने करियर की शुरुआत एक शिक्षिका के रूप में की थी। मॉडलिंग में उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए उन्होंने इस ओर कदम बढ़ाया। शुरुआत शॉर्ट फिल्मों और रंगमंच (थिएटर) से हुई, लेकिन जल्द ही उन्होंने रैंप पर अपनी चमक बिखेरी। ‘मिस एम.पी.’ और ‘सेंट्रल इंडिया’ जैसे प्रतिष्ठित खिताबों ने न केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया, बल्कि समाज में मॉडलिंग को लेकर एक नई दृष्टि भी पैदा की।
सोशल मीडिया और डिजिटल मॉडलिंग: कमाई का नया मंच
आज के दौर में मॉडलिंग केवल रैंप वॉक तक सीमित नहीं है। इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर रील्स और ब्रांड एंडोर्समेंट के जरिए युवा अपनी पहचान बना रहे हैं। समाज के कई युवा इंफ्लुएंसर और डिजिटल मॉडल के रूप में ब्रांड्स के साथ जुड़कर अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। मॉडलिंग अब सीधे तौर पर फिल्म इंडस्ट्री और ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स तक पहुँचने की पहली सीढ़ी बन चुकी है।
समाज और परिवार की सोच में बड़ा बदलाव
एक समय था जब सिंधी समाज में फिल्म और मॉडलिंग जैसे क्षेत्रों में जाने के लिए पारिवारिक सहमति मिलना कठिन था। लेकिन अब स्थितियाँ बदल गई हैं। जब समाज के युवा अपनी मेहनत और कला से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाते हैं, तो परिवार और समाज इसे गर्व के साथ स्वीकार कर रहा है। सोनिया खूबचंदानी का मानना है कि यदि इस क्षेत्र में आने से पहले सही क्राइटेरिया (Criteria) तय किए जाएं और एक स्पष्ट विजन के साथ मेहनत की जाए, तो सफलता निश्चित है।
सफलता का मंत्र: हार न मानना ही असली कुंजी
ग्लैमर जगत की चुनौतियों पर सोनिया कहती हैं कि हर क्षेत्र की तरह यहाँ भी अच्छे और बुरे लोग मिलते हैं, लेकिन अपनी गरिमा और लक्ष्य को ध्यान में रखकर आगे बढ़ना जरूरी है। हार न मानने का जज्बा और निरंतर मेहनत ही किसी भी मॉडल को लंबी रेस का घोड़ा बनाती है।
रवि नाथानी की रिपोर्ट