होली पर करें हर्बल रंगों का इस्तेमाल: रंग खेलने से पहले और बाद में ऐसे रखें अपनी त्वचा का ख्याल
होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह खुशियों, आपसी मेल-मिलाप और वसंत के स्वागत का प्रतीक है। हालांकि, आधुनिक समय में पारंपरिक फूलों के रंगों की जगह हानिकारक रसायनों (Chemicals) ने ले ली है। बाजार में मिलने वाले चमकीले रंगों में शीशा (Lead), क्रोमियम, आयोडीन और पारा जैसे घातक तत्व होते हैं, जो न केवल त्वचा बल्कि आंखों और फेफड़ों को भी नुकसान पहुँचा सकते हैं। ऐसे में हर्बल रंगों का चयन और सही स्किन केयर रूटीन अपनाकर आप इस त्योहार का आनंद बिना किसी डर के ले सकते हैं।
केमिकल रंगों से त्वचा को होने वाले नुकसान
त्वचा विशेषज्ञ (Dermatologists) बताते हैं कि सिंथेटिक रंगों में मौजूद ‘सिलिका’ और ‘एस्बेस्टस’ त्वचा की ऊपरी परत को छील देते हैं, जिससे जलन और खुजली शुरू हो जाती है। प्रसिद्ध त्वचा विशेषज्ञ डॉ. मुकेश राय के अनुसार, “केमिकल रंगों के उपयोग से कांटेक्ट डर्मेटाइटिस और एक्जिमा जैसी समस्याएं आम हैं। ये रंग त्वचा की नमी सोख लेते हैं, जिससे वह रूखी और बेजान हो जाती है।”
हर्बल रंगों का जादू: प्रकृति के करीब
हर्बल रंग वे होते हैं जो पूरी तरह से प्राकृतिक अवयवों जैसे फूलों, पत्तियों और फलों से बनाए जाते हैं। ये रंग न केवल त्वचा के लिए सुरक्षित हैं, बल्कि ये इको-फ्रेंडली (Eco-friendly) भी होते हैं। आप इन्हें घर पर भी बना सकते हैं। पीले रंग के लिए हल्दी और बेसन, लाल रंग के लिए सूखे गुलाब या लाल चंदन, और हरे रंग के लिए मेहंदी पाउडर का उपयोग सबसे उत्तम है।
प्री-होली स्किन केयर: रंग खेलने से पहले की तैयारी
रंग खेलने निकलने से पहले अपनी त्वचा पर एक ‘प्रोटेक्टिव लेयर’ बनाना बहुत जरूरी है। ब्यूटी एक्सपर्ट सोनल सिंह के अनुसार, “होली के रंगों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका ‘ऑयलिंग’ है। नारियल या जैतून का तेल त्वचा के छिद्रों को बंद कर देता है, जिससे रंग अंदर नहीं जा पाते।”
- भरपूर तेल लगाएं: चेहरे से लेकर पैर के नाखूनों तक नारियल तेल या बादाम तेल की मालिश करें।
- सनस्क्रीन न भूलें: धूप और रंगों का मिश्रण त्वचा को काला कर सकता है, इसलिए वाटरप्रूफ सनस्क्रीन का प्रयोग करें।
- नाखूनों का बचाव: नाखूनों पर डार्क नेल पॉलिश लगाएं ताकि उन पर रंगों का स्थायी दाग न चढ़े।
- बालों की सुरक्षा: बालों में सरसों या नारियल का तेल लगाएं और उन्हें खुला छोड़ने के बजाय बांधकर रखें।
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होली के दौरान सावधानी: आंखों और संवेदनशील अंगों का ध्यान
खेलने के दौरान यदि गलती से रंग आंखों में चला जाए, तो उसे रगड़ने के बजाय तुरंत ठंडे पानी से धोएं। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमित खन्ना सलाह देते हैं कि “होली खेलते समय कॉन्टैक्ट लेंस पहनने से बचें, क्योंकि लेंस के नीचे रंग जमा होने से कॉर्निया को गंभीर क्षति हो सकती है।” इसके अलावा, रंग खेलने के दौरान खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए पानी और ताजे जूस का सेवन करते रहें।
पोस्ट-होली केयर: रंगों को छुड़ाने का सही तरीका
सबसे बड़ी चुनौती होली के बाद रंगों को साफ करना होता है। अक्सर लोग कठोर साबुन या केरोसिन का उपयोग करते हैं, जो त्वचा के लिए अत्यंत हानिकारक है।
- कोमल क्लींजिंग: रंग छुड़ाने के लिए ठंडे पानी का उपयोग करें। दही और बेसन का उबटन लगाएं, जो प्राकृतिक रूप से रंगों को खींच लेता है।
- नमी लौटाएं: नहाने के बाद त्वचा पर अच्छी मात्रा में मॉइस्चराइजर या एलोवेरा जेल लगाएं।
- बालों की धुलाई: बालों को पहले केवल पानी से धोएं ताकि सूखा रंग निकल जाए, फिर माइल्ड शैम्पू और कंडीशनर का उपयोग करें।
होली का आनंद प्राकृति के संग
होली का आनंद रंगों से है, लेकिन वे रंग प्रकृति के होने चाहिए। हर्बल रंगों का उपयोग करके हम न केवल अपनी सेहत का ख्याल रखते हैं बल्कि जल संरक्षण और पर्यावरण शुद्धि में भी योगदान देते हैं। विशेषज्ञों की इन सलाहों को मानकर आप इस होली को अपनी त्वचा के लिए एक ‘हैप्पी होली’ बना सकते हैं।
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