Budget 2026: ‘विकसित भारत 2047’ का रोडमैप आज, ‘पार्ट-B’ में छिपे हैं भविष्य के आर्थिक सुधार

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को दही खिलाती राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्म वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को दही खिलाती राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्म

नई दिल्ली|BDC News|bhopalonline.org

आज देश के आर्थिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय लिखा जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे लोकसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करने जा रही हैं। रविवार होने के बावजूद शेयर बाजार से लेकर आम जनता तक, सबकी नजरें टीवी स्क्रीन पर टिकी हैं क्योंकि यह बजट केवल आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

दही-चीनी के साथ शुभ शुरुआत

परंपरा के अनुसार, संसद जाने से पहले वित्त मंत्री ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। राष्ट्रपति ने वित्त मंत्री को दही-चीनी खिलाकर बजट के लिए शुभकामनाएं दीं। इसके बाद कैबिनेट की औपचारिक मंजूरी मिलते ही बजट भाषण की शुरुआत होगी।

‘पार्ट-B’ पर टिकी हैं सबकी निगाहें

सूत्रों का कहना है कि इस बार बजट का पार्ट-B (Part-B) सबसे अधिक चर्चा में रहने वाला है। आमतौर पर इसमें कर (Tax) संबंधी घोषणाएं होती हैं, लेकिन इस बार इसे देश के दीर्घकालिक आर्थिक लक्ष्यों का केंद्र बनाया गया है। इसमें निम्नलिखित क्षेत्रों पर विशेष जोर रहने की उम्मीद है:

  • ग्लोबल सप्लाई चेन: भारत को दुनिया का मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में बड़ी घोषणाएं।
  • रोजगार और कौशल विकास: युवाओं के लिए नए अवसर और स्किलिंग पर रणनीतिक रोडमैप।
  • एक्सपोर्ट और लॉजिस्टिक्स: स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करना।

EU-FTA और मध्यम वर्ग की उम्मीदें

यूरोपीय संघ (EU) के साथ हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का असर भी बजट में झलक सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस डील का तत्काल लाभ मुख्य रूप से लग्जरी कारों और प्रीमियम उत्पादों पर दिखेगा। कीमतों में वास्तविक कमी आने में अभी एक साल तक का समय लग सकता है।


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GST स्लैब: 1 फरवरी से पान मसाला, खैनी और गुटका पर 40% GST लागू होगा। इन उत्पादों से पुराना ‘कंपनसेशन सेस’ हटा दिया गया है।

सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी: सिगरेट की लंबाई के आधार पर प्रति स्टिक ₹2.05 से ₹8.50 तक की नई एक्साइज ड्यूटी लगेगी। साथ ही इस पर भी 40% GST लगेगा।

बीड़ी पर राहत: बीड़ी को ऊंचे टैक्स स्लैब से बाहर रखते हुए इस पर GST घटाकर 18% कर दिया गया है।

टैक्स पर टैक्स (Cascading Effect): एक्साइज ड्यूटी को मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट में जोड़ा जाएगा, जिसके बाद बढ़ी हुई कीमत पर GST लगेगा। इससे टैक्स का बोझ और बढ़ जाएगा।

कीमतों में भारी उछाल: इन बदलावों के कारण रिटेल मार्केट में सिगरेट और तंबाकू उत्पादों के दाम 15% से 40% तक बढ़ सकते हैं।

सरकारी राजस्व में वृद्धि: सितंबर 2025 में अन्य उत्पादों पर दी गई GST कटौती के बाद, अब सरकार तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाकर राजकोषीय घाटे की भरपाई करना चाहती है।

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