भोपाल | BDC News
उत्तर भारत के पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं ने समूचे मध्यप्रदेश को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है। प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में पारा गिरने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। विशेषकर ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में स्थिति बेहद गंभीर है, जहां सूरज निकलने के बावजूद दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने कई जिलों में ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) जैसी स्थिति की पुष्टि की है।
कोहरे की चादर में लिपटा प्रदेश: थम गई रफ्तार
शनिवार की सुबह मध्यप्रदेश के लिए धुंध भरी रही। प्रदेश के 15 से ज्यादा जिलों में दृश्यता (Visibility) इतनी कम रही कि सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। ग्वालियर, दतिया, टीकमगढ़ और छतरपुर जैसे जिलों में घने कोहरे के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त है। रेल यातायात पर भी इसका सीधा असर पड़ा है; दिल्ली की ओर से आने वाली मालवा एक्सप्रेस, पंजाब मेल और सचखंड एक्सप्रेस समेत एक दर्जन ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं।
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खजुराहो बना प्रदेश का ‘शिमला’, पारा 3.4 डिग्री तक गिरा
बीती रात मध्यप्रदेश के तापमान में रिकॉर्ड तोड़ गिरावट दर्ज की गई। छतरपुर का खजुराहो प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। अन्य प्रमुख शहरों का हाल भी कुछ ऐसा ही रहा:
- दतिया: 3.9°C
- शिवपुरी: 4°C
- ग्वालियर: 5°C
- भोपाल: 8°C
- इंदौर: 9.4°C
अगले 48 घंटे भारी: मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं का सिलसिला अभी थमा नहीं है। दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में अगले 24 से 48 घंटों तक ‘कोल्ड डे’ का अलर्ट जारी रहेगा। ठंड का यह दौर आने वाले दो दिनों तक ऐसे ही बरकरार रहने की संभावना है, जिससे रात के साथ-साथ दिन में भी कंपकंपी महसूस की जाएगी।