मध्य प्रदेश में मौसम का ‘ट्रिपल रोल’
- कहीं छाए बादल, कहीं पारा 38 पार; अब 26 मार्च से फिर भीगेगा प्रदेश
भोपाल|BDC News| bhopalonline.org
मध्य प्रदेश में मार्च के महीने में कुदरत के अनोखे रंग देखने को मिल रहे हैं। प्रदेश के कुछ हिस्सों में जहां सूरज की तपिश लोगों को बेहाल कर रही है, वहीं उत्तरी इलाकों में चक्रवाती हवाओं के चलते बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि राहत के ये दिन जल्द ही खत्म होने वाले हैं और मार्च का अंत एक बार फिर आंधी-बारिश के साथ होने वाला है।
उत्तरी एमपी में चक्रवाती सिस्टम का असर
सोमवार को उज्जैन, सागर और ग्वालियर-चंबल संभाग में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम (चक्रवात) सक्रिय रहा। इस सिस्टम की वजह से इन इलाकों में दिन भर बादलों का डेरा रहा, जिससे धूप की तपिश कम रही।
- ग्वालियर का हाल: बादलों की वजह से ग्वालियर में पारा 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहा, जिससे लोगों को मार्च की गर्मी से अस्थायी राहत मिली।
- शेष प्रदेश: उत्तरी हिस्से को छोड़कर प्रदेश के बाकी हिस्सों में गर्मी का प्रभाव बढ़ता हुआ देखा गया।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान: 26 और 29 मार्च को नया अलर्ट
मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय होने जा रहा है। इसका असर मध्य प्रदेश पर दो चरणों में दिखेगा:
- पहला सिस्टम (26-27 मार्च): 26 मार्च को सक्रिय होने वाले इस सिस्टम का प्रभाव ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग के जिलों में दिखेगा। यहाँ धूल भरी आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
- दूसरा सिस्टम (29 मार्च): मार्च के अंत में एक और मजबूत सिस्टम सक्रिय होगा, जिसके कारण अप्रैल की शुरुआत भी बारिश और बादलों के साथ होने की संभावना है।
गर्मी का बढ़ता ग्राफ: रायसेन सबसे गर्म
आंधी-बारिश का पिछला दौर थमते ही राज्य में पारे ने रफ्तार पकड़ ली है। सोमवार को रायसेन में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा था।
प्रमुख शहरों का तापमान (डिग्री सेल्सियस में):
- भोपाल | 34.4°C |
- इंदौर | 34.9°C |
- ग्वालियर | 29.2°C |
- उज्जैन | 35.0°C |
- नर्मदापुरम | 37.4°C |
किसानों की बढ़ी चिंता: मुआवजे की मांग
बीते चार दिनों में प्रदेश के 45 जिलों में आंधी और बारिश ने तबाही मचाई है।
- ओलावृष्टि: 17 जिलों में भारी ओले गिरे हैं।
- फसलों को नुकसान: तेज हवाओं और बारिश के कारण गेहूं, केला और पपीते की फसलें बिछ गई हैं।
- सर्वे की मांग: धार और खरगोन जैसे जिलों में किसान अब सरकार से फसलों के नुकसान के सर्वे और मुआवजे की गुहार लगा रहे हैं।
अप्रैल-मई में ‘आग’ उगलेगा आसमान
भले ही अभी बारिश का दौर चल रहा हो, लेकिन मौसम विभाग ने लंबी अवधि का जो अनुमान जारी किया है, वह डराने वाला है। इस साल अप्रैल और मई में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ने की आशंका है।
- 45 डिग्री के पार: ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग में पारा 45 डिग्री के स्तर को छू सकता है।
- हीटवेव: भोपाल और इंदौर जैसे शहरों में भी लू का प्रकोप देखने को मिलेगा।
एमपी के बड़े शहरों में मार्च का ऐतिहासिक ट्रेंड
पिछले 10 वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि मध्य प्रदेश में मार्च का महीना अनिश्चितताओं भरा रहता है:
- भोपाल: यहाँ 2021 में मार्च का पारा 41 डिग्री तक जा चुका है। दिन गर्म रहते हैं लेकिन रातें अक्सर ठंडी होती हैं।
- इंदौर: यहाँ मार्च में धूल भरी आंधी और 2 इंच तक बारिश का रिकॉर्ड रहा है। 1892 में यहाँ पारा 41.1 डिग्री तक पहुंचा था।
- ग्वालियर: यहाँ मार्च में गर्मी, ठंड और बारिश तीनों का मिश्रण मिलता है। 2015 में यहाँ पूरे महीने में 5 इंच बारिश दर्ज की गई थी।
- जबलपुर: यहाँ की रातें मार्च में भी सुकून भरी रहती हैं (औसत 15 डिग्री), लेकिन दिन 40 डिग्री तक तप जाते हैं।
- उज्जैन: यहाँ दिन का तापमान 42.5 डिग्री (2010) तक जाने का रिकॉर्ड है। यह इलाका मार्च में काफी गर्म रहता है।
मध्य प्रदेश के नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अगले 48 घंटों में तापमान में होने वाले उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहें। 26 मार्च से शुरू होने वाले आंधी-बारिश के दौर के दौरान खुले में जाने से बचें और अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें।