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सिंधी भाषा दिवस : नई पीढ़ी थामेगी सिंधी विरासत की मशाल

सिंधी भाषा दिवस पर संतनगर में कार्यक्रम आयोजित किए गए। सिंधी भाषा दिवस पर संतनगर में कार्यक्रम आयोजित किए गए।

संत हिरदाराम नगर (भोपाल):
BDC News | bhopalonline.org

“असांजी बोली-असांजी पहचान” के संकल्प के साथ शुक्रवार को उपनगर के विभिन्न स्कूलों और संस्थाओं में ‘सिंधी भाषा दिवस’ गरिमापूर्ण तरीके से मनाया गया। इस दौरान समाज के प्रबुद्धजनों और शिक्षाविदों ने एक सुर में कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति का आधार है। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बच्चों और बड़ों द्वारा घरों में अनिवार्य रूप से सिंधी बोलने का लिया गया सामूहिक संकल्प रहा।

साधु वासवानी स्कूल:

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संस्कारों की जननी है मातृभाषा

साधु वासवानी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में सुधार सभा के महासचिव कन्हैयालाल रामनानी ने कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्र का गौरव है, तो सिंधी हमारी आत्मा की भाषा है। यदि हम अपनी बोली का सम्मान करेंगे, तभी वह आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुँच पाएगी। प्राचार्या सुतपा जायसवाल ने भाषा को व्यावहारिक जीवन में उतारने पर जोर दिया। छात्राओं ने गीतों और कविताओं के माध्यम से सिंधी की मिठास घोली।

संस्कार पब्लिक स्कूल:

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संघर्ष से मिली पहचान को संजोने की अपील

संस्कार पब्लिक स्कूल में मुख्य अतिथि नन्द कुमार सनमुखानी ने सिंधी समाज के विस्थापन के बाद के संघर्षमय इतिहास को साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे समाज ने अपनी मेहनत से व्यापार और प्रशासन में मुकाम हासिल किया। सचिव बसंत चेलानी ने जोर देकर कहा कि संस्कृति को जीवित रखकर ही भाषा का विस्तार संभव है।

पूज्य सिंधी पंचायत:

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साहित्यकार कन्हैयो शेवानी का सम्मान

पंचायत सभागृह में आयोजित समारोह में सिंधी साहित्य की अनवरत सेवा के लिए युवा साहित्यकार कन्हैयो शेवानी को सम्मानित किया गया। पंचायत अध्यक्ष माधु चांदवानी ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की प्रतिबद्धता दोहराई। कन्हैयो शेवानी ने अपने संबोधन में एक मर्मस्पर्शी बात कही कि “वही भाषा अमर रहती है, जो किताबों से निकलकर जमीन पर बोली जाती है”


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