वश्य कूट क्या है? कुंडली मिलान में वश्‍य कूट का महत्व और गणना | Vashya Koot Explained

Vashya Koot Explained Vashya Koot Explained

विवाह दो व्यक्तियों का ऐसा बंधन है जो सिर्फ प्रेम नहीं बल्कि समझ, सम्मान, सहयोग और आपसी तालमेल पर आधारित होता है। वैदिक ज्योतिष में इस सामंजस्य को सुनिश्चित करने के लिए शादी से पहले कुंडली मिलान किया जाता है। अष्टकूट मिलान में कुल 36 गुण मिलाए जाते हैं, जिनमें वश्य कूट को विशेष स्थान दिया गया है।


बहुत लोग इसके नाम से परिचित हैं, परंतु वश्य कूट वास्तव में क्या है?
यह विवाह जीवन को कैसे प्रभावित करता है?
इस ब्लॉग में हम वश्य कूट के हर पहलू को सरल Hinglish में समझेंगे।


वश्य कूट क्या है? (What is Vashya Koot in Kundli Matching)

वश्य कूट अष्टकूट मिलान का दूसरा तत्व है, जिसे 2 गुण तक अंक दिए जाते हैं।
यह वर-वधू के परस्पर आकर्षण, नियंत्रण, अनुकूलता और रिश्ते में प्रभाव को दर्शाता है।
साधारण शब्दों में — कौन किसपर कितना प्रभाव रखेगा और शादी के बाद bonding कैसी रहेगी।

बृहद् पाराशर होरा शास्त्र में वश्य कूट को दांपत्य आकर्षण और सहयोग का प्रतीक कहा गया है।


वश्य कूट के प्रकार (Types of Vashya)

वैदिक ज्योतिष में राशि अनुसार पांच प्रकार के वश्य माने जाते हैं:

वश्य प्रकारराशि समूहस्वभाव/गुण
मनुष्य वश्यमिथुन, तुला, कुम्भबुद्धिमान, सामाजिक
जंगलचर वश्यमकर, धनुमेहनती, साहसी
चतुष्पद वश्यवृषभ, मेषस्थिर, जिद्दी
जलचर वश्यकर्क, मीनभावुक, संवेदनशील
वानर वश्यसिंहउग्र, नेतृत्वकारी

प्रत्येक वश्य अपनी ऊर्जा और व्यवहारिक प्रवृत्ति दर्शाता है।


वश्य कूट गुण मिलान (Scoring System)

गणना इस बात पर आधारित होती है कि वर और वधू के वश्य कितने compatible हैं।

Boy/GirlManushyaChatushpadVanarJalcharJanglchar
Manushya21011
Chatushpad1210.51
Vanar01200.5
Jalchar10.5021
Janglchar110.512
  • सबसे Highest Score = 2 गुण
  • जितना स्कोर अधिक, वैवाहिक अनुकूलता उतनी बेहतर

शादी से पहले कुंडली मिलान: जानिए क्यों ज़रूरी?

वश्य कूट का विवाह में महत्व (Importance of Vashya Koot)

विवाह बाद संबंध कैसे चलेंगे?

वश्य कूट हमें यह समझने में मदद करता है।

वश्य Matching के लाभ:

  • रिश्ते में सामंजस्य बढ़ता है
  • आकर्षण और जुड़ाव बेहतर होता है
  • ईगो क्लैश कम होने की संभावना
  • decision-making में cooperation
  • रिश्ते में स्थिरता

आम भाषा में समझें:

मान लीजिए लड़की Jalchar (भावुक) है और लड़का Manushya (विचारशील) है,
तो रिश्ता शांत और सहमति वाला चलता है।
लेकिन यदि एक Vanar (उग्र) और दूसरा Chatushpad (जिद्दी) हो,
तो तकरार होने की संभावना बढ़ जाती है।


क्या केवल वश्य कूट से शादी का निर्णय लिया जा सकता है?

नहीं।
यह सिर्फ 2 गुण देता है, इसलिए अंतिम निर्णय हमेशा पूरे अष्टकूट और ग्रह विश्लेषण देखकर ही लें।

ज्योतिषी साथ में देखते हैं—

  • नाड़ी कूट
  • भकूट
  • ग्रह मैत्री
  • गण कूट
  • मंगल दोष
  • दाशा प्रणाली

वश्य कूट मिलान कैसे करें? (Step-by-Step)

  1. वर-वधू का जन्म विवरण प्राप्त करें
  2. कुंडली बनाकर चंद्र राशि से वश्य निर्धारित करें
  3. Matching Table अनुसार गुण मिलाएँ
  4. अष्टकूट में कुल स्कोर जोड़ें
  5. अन्य दोष/योग के साथ final compatibility check करें

Examples for Better Understanding

ExampleBoyGirlResult
1ManushyaJalchar1 गुण → सामान्य संगति
2JalcharJalchar2 गुण → Best Match
3VanarChatushpad1 गुण → मध्यम संगति

Q1. वश्य कूट Mismatch होने पर शादी संभव है?

हाँ, क्योंकि इसका स्कोर अधिकतम 2 है। बाकी कूट अच्छे हों तो दिक्कत नहीं होती।

Q2. क्या समान वश्य सबसे अच्छा माना जाता है?

हाँ, समान वश्य में bonding naturally strong होती है।

Q3. वश्य कूट Love Marriage में कितना प्रभाव डालता है?

Love marriage में emotional connect ज्यादा मायने रखता है, पर compatibility जानना उपयोगी है।

Q4. किस कूट का महत्व वश्य से ज्यादा है?

नाड़ी और भकूट कूट का प्रभाव वश्य से ज्यादा माना गया है।

निष्कर्ष

वश्य कूट विवाह कुंडली मिलान का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो आकर्षण, नियंत्रण और तालमेल को दर्शाता है। यद्यपि इसका अंक कम है, पर दांपत्य जीवन की compatibility समझने में इसकी भूमिका खास है। विवाह से पहले पूरे अष्टकूट और दशा विश्लेषण के साथ वश्य कूट का अध्ययन रिश्ते को मजबूत दिशा देता है।

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