ग्रह मैत्री क्या है? विवाह मिलान में ग्रह मैत्री कूट का रहस्य – Compatibility, गुण और प्रभाव

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विवाह केवल दो शरीरों का नहीं, दो मन और दो किस्मतों का मिलन है। ठीक वैसे ही जैसे ग्रह एक-दूसरे से मित्रता रखते हैं या शत्रुता — उसी तरह पति-पत्नी का रिश्ता भी ग्रहों की मित्रता पर आधारित माना गया है। अष्टकूट मिलान प्रणाली में ग्रह मैत्री कूट छठा महत्वपूर्ण कूट है, जो दंपत्ति की मानसिक समझ, आपसी सम्मान, विचार तालमेल और रिश्ते की स्थिरता को दर्शाता है।

जैसा कि बृहत पाराशर होरा शास्त्र में उल्लेख है—
“ग्रहाणां मैत्र्याद् दाम्पत्यं सुखकरं भवेत्”
अर्थात — यदि दोनों की कुंडली के ग्रह मित्र हों तो विवाह सुख, सहयोग और सौहार्द से भरा रहता है।

तो आइए, गहराई से समझते हैं कि ग्रह मैत्री क्या है, कैसे गिनी जाती है और विवाह पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है।


ग्रह मैत्री क्या है? (Basic Meaning)

ग्रह मैत्री कूट दंपत्ति के चंद्र राशि स्वामियों की मित्रता पर आधारित है।
यानी लड़के और लड़की की जन्म राशि के स्वामी ग्रह यदि मित्र हों तो Compatibility बेहतर मानी जाती है।

यह मापता है:

  • विचार मिलान
  • आपसी मानसिक समझ
  • व्यवहारिक तालमेल
  • रिश्ते में सहयोग व सम्मान

सरल शब्दों में — ग्रह मैत्री तय करती है कि दोनों की सोच और nature एक-दूसरे से कितना match करेगा।


ग्रह मैत्री कूट में कितने गुण मिलते हैं?

  • कुल 5 गुण निर्धारित
  • ग्रह मित्र हों → 5 गुण
  • तटस्थ हों → 3 गुण
  • शत्रु हों → 0 गुण

इसलिए ज्योतिष में कहा जाता है कि विवाह के लिए 3+ गुण मिलना अच्छा माना जाता है।


शादी से पहले कुंडली मिलान: जानिए क्यों ज़रूरी?

कौन से ग्रह मित्र हैं और कौन शत्रु? (सारणी)

(संदर्भ: पाराशर होरा शास्त्र एवं ज्योतिष तत्व संग्रह)


ग्रह मैत्री कैसे गणना होती है? (Step by Step)

  1. लड़का और लड़की की चंद्र राशि तय करें
  2. उनकी राशि के स्वामी ग्रह खोजें
  3. ऊपर दी गई मित्र-शत्रु सारणी से तुलना करें
  4. ग्रह मित्रता के अनुसार गुण दिए जाते हैं

उदाहरण:
यदि लड़का सिंह राशि (स्वामी सूर्य) और लड़की मेष राशि (स्वामी मंगल) की हो
सूर्य और मंगल मित्र ग्रह हैं → 5/5 गुण


विवाह पर ग्रह मैत्री के प्रभाव

यदि ग्रह मैत्री शुभ (High Score) हो तो—

  • दंपत्ति में विचार मेल
  • ego clash कम
  • सहयोग और समझ अधिक
  • रिश्ते में खुशहाली

यदि ग्रह मित्रता कम हो—

  • मतभेद व तकरार
  • निर्णयों में असहमति
  • स्वभाव टकराव
  • रिश्ते में दूरी बन सकती है

लेकिन ध्यान रहे — केवल ग्रह मैत्री खराब होने से विवाह असफल नहीं माना जा सकता। अन्य कूट जैसे गुण मिलान, नाड़ी, भकूट, तारा आदि अच्छे हों तो दोष कम हो सकता है।


वर्ण कूट क्या है? विवाह कुंडली मिलान में इसका महत्व

शास्त्रीय संदर्भ:

ग्रह मैत्री कूट का उल्लेख निम्न ग्रंथों में मिलता है—

  • बृहत पाराशर होरा शास्त्र
  • अष्टकूट विवेचन ग्रंथ
  • जैमिनी सूत्र
  • गरुड़ पुराण विवाह अध्याय

शास्त्र स्पष्ट बताते हैं कि ग्रह मित्रता मानसिक आकर्षण और स्वभाव सामंजस्य की कुंजी है।

Q1. क्या ग्रह मैत्री खराब हो तो विवाह करना गलत है?

नहीं। यह विवाह का सिर्फ एक भाग है। संपूर्ण कुंडली देखकर ही निर्णय लें।

Q2. ग्रह मैत्री कितने गुण मिलने चाहिए?

5 में से कम से कम 3 गुण शुभ माने जाते हैं।

Q3. ग्रह मैत्री कैसे सुधारी जा सकती है?

ग्रह शांति, मंत्र जाप, रत्न धारण, पूजन से प्रभाव कम किया जा सकता है।

Q4. क्या प्रेम विवाह में भी ग्रह मैत्री देखी जाती है?

हाँ, compatibility समझने में सहायक है।

Conclusion

ग्रह मैत्री कूट विवाह Matching में एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह बताता है कि दोनों के विचार, समझ और स्वभाव किस हद तक मेल खाएंगे। यदि ग्रह मित्रता अच्छी हो तो दांपत्य जीवन में प्रेम, सम्मान और सहयोग बढ़ता है। लेकिन याद रखें — विवाह के लिए केवल एक कूट नहीं, पूरी कुंडली का विश्लेषण आवश्यक है।

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