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पूर्ण सूर्य ग्रहण: 27 साल बाद यूरोप में दिखेगा अद्भुत नजारा, जानिए 10 बड़ी बातें

पूर्ण सूर्य ग्रहण: 27 साल बाद यूरोप में दिखेगा अद्भुत नजारा, जानिए 10 बड़ी बातें
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एके तिवारी, ज्योतिषाचार्य
BDC NEWS
|bhopalkonline.org

12 अगस्त 2026 को दुनिया एक दुर्लभ खगोलीय घटना की साक्षी बनेगी, जब पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। यह ग्रहण यूरोप और उत्तरी ध्रुवीय क्षेत्रों के लिए बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि लगभग 27 वर्षों बाद वहां पूर्ण सूर्य ग्रहण देखने का अवसर मिलेगा। हालांकि भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा, लेकिन वैज्ञानिकों, खगोलविदों और अंतरिक्ष प्रेमियों के लिए यह एक ऐतिहासिक घटना होगी।

पूर्ण सूर्य ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, पुर्तगाल के उत्तरी भाग और रूस के उत्तरी ध्रुवीय क्षेत्रों में दिखाई देगा। वहीं यूरोप के अधिकांश हिस्सों, कनाडा, अमेरिका, उत्तर-पश्चिम अफ्रीका और अटलांटिक महासागर के आसपास आंशिक सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा।

28 महीनों बाद पृथ्वी पर पहला पूर्ण सूर्य ग्रहण

इससे पहले 8 अप्रैल 2024 को मेक्सिको, अमेरिका और कनाडा में पूर्ण सूर्य ग्रहण देखा गया था। इसके बाद अब 28 महीनों के अंतराल के बाद 12 अगस्त 2026 को फिर से चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढकता हुआ दिखाई देगा।

यूरोप में 27 साल बाद लौटेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण

यूरोप में पिछला पूर्ण सूर्य ग्रहण 11 अगस्त 1999 को देखा गया था। अब लगभग 27 साल बाद फिर से यूरोप के कई हिस्सों में यह दुर्लभ खगोलीय दृश्य देखने को मिलेगा। इसलिए इस ग्रहण को यूरोप के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है।

पांच देशों में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण

इस बार पूर्ण सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से पांच देशों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। इनमें ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, पुर्तगाल का उत्तरी भाग और रूस के उत्तरी ध्रुवीय क्षेत्र शामिल हैं। इन स्थानों पर सूर्य कुछ मिनटों के लिए पूरी तरह चंद्रमा से ढक जाएगा।

पूरे यूरोप में दिखाई देगा बड़ा आंशिक सूर्य ग्रहण

यूरोप के लगभग सभी देशों में आंशिक सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा। स्पेन, फ्रांस, जर्मनी, आयरलैंड और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में चंद्रमा सूर्य के 90 प्रतिशत से अधिक हिस्से को ढक लेगा, जिससे दिन के समय भी अंधेरा जैसा वातावरण बन सकता है।

अमेरिका और कनाडा में भी दिखाई देगा ग्रहण

उत्तरी अमेरिका के कई हिस्सों में भी इस ग्रहण का प्रभाव दिखाई देगा। अमेरिका और कनाडा में लोग आंशिक सूर्य ग्रहण देख सकेंगे। न्यूयॉर्क सहित कई शहरों में यह दोपहर के समय दिखाई देगा।

एक अरब से अधिक लोग बनेंगे गवाह

जिन क्षेत्रों में यह ग्रहण दिखाई देगा, वहां कुल मिलाकर एक अरब से अधिक आबादी निवास करती है। इस वजह से यह वर्ष 2026 की सबसे अधिक देखी जाने वाली खगोलीय घटनाओं में शामिल होगा।

ध्रुवीय क्षेत्रों में भी दिखेगा अनोखा नजारा

यह ग्रहण उत्तरी ध्रुवीय क्षेत्रों में भी दिखाई देगा, इसलिए इसे पोलर सोलर एक्लिप्स भी कहा जा रहा है। आइसलैंड के पश्चिमी तट के पास लगभग 2 मिनट 19 सेकंड तक पूर्ण सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा।

अगले 23 महीनों में होने वाले तीन बड़े ग्रहणों की शुरुआत

12 अगस्त 2026 का ग्रहण अगले 23 महीनों में होने वाले तीन प्रमुख पूर्ण सूर्य ग्रहणों की श्रृंखला का पहला ग्रहण होगा। इसके बाद दूसरा पूर्ण सूर्य ग्रहण 2 अगस्त 2027 और तीसरा 22 जुलाई 2028 को दिखाई देगा।

पर्सिड्स उल्का वर्षा के साथ बनेगा दुर्लभ संयोग

इस वर्ष सूर्य ग्रहण और प्रसिद्ध पर्सिड्स उल्का वर्षा लगभग एक ही समय पर होगी। 12 और 13 अगस्त की रात पर्सिड्स उल्का वर्षा अपने चरम पर होगी। हालांकि दोनों घटनाएं अलग-अलग समय पर घटित होंगी, फिर भी यह खगोल विज्ञान के लिहाज से एक विशेष संयोग माना जा रहा है।

भारत में क्यों नहीं दिखाई देगा सूर्य ग्रहण?

12 अगस्त 2026 का पूर्ण सूर्य ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा। भारतीय समय के अनुसार यह घटना रात के समय होगी, जब भारत में सूर्य क्षितिज के नीचे रहेगा। इसी कारण देश के किसी भी हिस्से से इस ग्रहण का अवलोकन संभव नहीं होगा।

12 अगस्त 2026 का पूर्ण सूर्य ग्रहण वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण खगोलीय घटनाओं में शामिल होगा। लगभग 27 वर्षों बाद यूरोप में पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा, जबकि ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, पुर्तगाल और रूस के कुछ हिस्सों में इसका अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा। भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा, लेकिन दुनिया भर के वैज्ञानिक और अंतरिक्ष प्रेमी इस दुर्लभ घटना का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।


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