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Gold Silver Price Today: सोने-चांदी में भारी गिरावट, जानें ताजा भाव और बाजार के लेटेस्ट अपडेट

Gold Silver Price Today: सोने-चांदी में भारी गिरावट, जानें ताजा भाव और बाजार के लेटेस्ट अपडेट
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नई दिल्ली। डिजिटल डेस्क
BDC NEWS | bhopalonline.org

भारतीय कमोडिटी बाजार में मंगलवार, 23 जून 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना 1.05 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,46,566 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। वहीं, औद्योगिक और निवेश मांग में कमी के चलते चांदी भी दबाव में है। जुलाई कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी 2.85 प्रतिशत लुढ़ककर 2,27,622 रुपये प्रति किलो के स्तर पर ट्रेड कर रही है। बाजार के जानकारों का मानना है कि निवेशक अब कीमती धातुओं में मुनाफावसूली (Profit Booking) कर रहे हैं, जिससे कीमतों में यह कमजोरी आई है।

डॉलर इंडेक्स की मजबूती और फेडरल रिजर्व का रुख

सोने-चांदी में गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण डॉलर इंडेक्स (Dollar Index) की ऐतिहासिक मजबूती है। डॉलर इंडेक्स वर्तमान में एक साल के उच्चतम स्तर 101.08 के पार पहुंच गया है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा इस साल ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती आशंकाओं ने डॉलर को जबरदस्त मजबूती दी है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य मुद्राओं वाले निवेशकों के लिए सोना और चांदी खरीदना महंगा हो जाता है, जिसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कीमतों पर पड़ता है। साथ ही, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने वैश्विक स्तर पर महंगाई का दबाव बढ़ा दिया है, जिससे डॉलर को और अधिक समर्थन मिल रहा है।

अमेरिका-ईरान समझौता: क्या बदलेंगी बाजार की दिशा?

कमोडिटी बाजार में जारी घबराहट के बीच अंतरराष्ट्रीय मोर्चे से राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही कूटनीतिक वार्ताओं में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। स्विट्जरलैंड में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद यह संकेत मिले हैं कि दोनों देश आपसी संघर्ष को कम करने के लिए एक ‘डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल’ बनाने पर सहमत हो गए हैं, विशेषकर लेबनान क्षेत्र में जारी तनाव को रोकने के लिए।

एक बड़े ऐतिहासिक बदलाव के रूप में, अमेरिका ने ईरान पर लगे दशकों पुराने कड़े प्रतिबंधों में ढील दे दी है। इस फैसले के बाद ईरान को अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बिक्री करने की मंजूरी मिल गई है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि ईरान से तेल की आपूर्ति बढ़ने पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आ सकती है, जो भविष्य में महंगाई को नियंत्रित करने और बाजार में स्थिरता लाने में मदद कर सकती है।

निवेश के लिए आगे की राह

फिलहाल, बाजार में अस्थिरता का माहौल है। निवेशक फेडरल रिजर्व के अगले कदमों और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। कच्चे तेल की कीमतों में आने वाली कोई भी गिरावट भारतीय बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत साबित हो सकती है। हालांकि, मौजूदा स्तरों पर निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है, क्योंकि डॉलर की चाल अभी भी कीमतों पर हावी है।



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