सार... शहर की बहुप्रतीक्षित भोपाल मेट्रो रेल सेवा अब यात्रियों के लिए शुरू होने के बेहद करीब है। मेट्रो रेल के कमर्शियल रन (सार्वजनिक संचालन) की अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण बाधा, कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) नीलाभ्र सेनगुप्ता का तीन दिवसीय दौरा आज (शनिवार) समाप्त हो रहा है
भोपाल। BDC News
शहर की बहुप्रतीक्षित भोपाल मेट्रो रेल सेवा अब यात्रियों के लिए शुरू होने के बेहद करीब है। मेट्रो रेल के कमर्शियल रन (सार्वजनिक संचालन) की अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण बाधा, कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) नीलाभ्र सेनगुप्ता का तीन दिवसीय दौरा आज (शनिवार) समाप्त हो रहा है। यदि सब कुछ सही रहा, तो दिल्ली जाने के बाद CMRS की रिपोर्ट जल्द ही ‘ओके’ का संकेत दे सकती है, जिसके बाद इसी महीने (नवंबर) से मेट्रो का संचालन शुरू होने की उम्मीद है।
आज का निरीक्षण और कॉरिडोर की स्थिति
कमिश्नर नीलाभ्र सेनगुप्ता की टीम आज डीआरएम ऑफिस, एम्स और अलकापुरी मेट्रो स्टेशनों का दौरा करेगी। प्रायोरिटी कॉरिडोर (6.22 किमी लंबा) के बाकी पाँच महत्वपूर्ण स्टेशनों—सुभाषनगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर और रानी कमलापति स्टेशन—का निरीक्षण शुक्रवार को ही पूरा कर लिया गया है।
टीम शनिवार शाम 6 बजे तक भोपाल में मौजूद रहेगी और इस दौरान मेट्रो ट्रेन तथा ट्रैक के छोटे से छोटे नट-बोल्ट तक की गहन जाँच की जा रही है। यह दौरा इसलिए निर्णायक है क्योंकि CMRS की रिपोर्ट ही यात्रियों के लिए मेट्रो सेवा शुरू करने की अंतिम सुरक्षा स्वीकृति प्रदान करती है।
दो दिनों में क्या-क्या जाँच हुई?
CMRS की टीम ने पिछले दो दिनों में हर तकनीकी और सुरक्षा पहलू की बारीकी से पड़ताल की है:
- 12 नवंबर: टीम भोपाल पहुंची और डिपो का विस्तृत निरीक्षण किया गया।
- 13 नवंबर: डिपो से एम्स स्टेशन तक ट्रैक की स्थिति, सिंगलिंग सिस्टम और अन्य सुरक्षा पैमानों की जाँच की गई। रानी कमलापति (RKMP) स्टेशन पर विशेष रूप से पानी गिराकर ट्रैक के लेवल और जल निकासी (Drainage) की व्यवस्था का भी आकलन किया गया।
- 14 नवंबर (शुक्रवार): टीम ने स्वयं मेट्रो ट्रेन में बैठकर सुभाषनगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल और रानी कमलापति स्टेशन के बीच ब्रेकिंग सिस्टम सहित ट्रेन की गति और संचालन क्षमता को परखा।
कमिश्नर सेनगुप्ता, जो पहली बार बतौर CMRS भोपाल आए हैं, अपनी टीम के साथ लगातार निरीक्षण में मौजूद रहे। चूंकि पिछले दो दौरों में सामने आई खामियों को पहले ही सुधारा जा चुका है, इसलिए उम्मीद है कि इस बार टीम जल्द ही सकारात्मक रिपोर्ट देगी।
CMRS की भूमिका क्यों है महत्वपूर्ण?
कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) किसी भी मेट्रो परियोजना के लिए सुरक्षा की सर्वोच्च और अंतिम अथॉरिटी होते हैं। उनकी रिपोर्ट ही तय करती है कि मेट्रो पर यात्री संचालन शुरू किया जा सकता है या नहीं। यदि निरीक्षण में कोई भी खामी पाई जाती है, तो उसे ठीक किए बिना संचालन की अनुमति नहीं मिलती है।
वर्तमान निरीक्षण में ट्रैक की गुणवत्ता, सिग्नलिंग प्रणाली, ब्रेक सिस्टम की कार्यक्षमता, स्टेशन सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन निकासी (Emergency Exit) जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।