मध्य प्रदेश में फिर सक्रिय होगा मानसून: बालाघाट-डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट
भोपाल।
BDC NEWS|bhopalonline.org
मध्य प्रदेश में पिछले 9 दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग (IMD) भोपाल ने राज्य में मानसून के फिर से सक्रिय होने की संभावना जताई है। प्रदेश के कई हिस्सों में अब झमाझम बारिश का दौर शुरू होने वाला है।
भारी बारिश का कारण: तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदेश में बारिश की कमी को पूरा करने के लिए कई अनुकूल परिस्थितियाँ बन रही हैं:
- लो प्रेशर एरिया: बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) सक्रिय हो रहा है।
- साइक्लोनिक सर्कुलेशन: वर्तमान में मध्य प्रदेश के ऊपर तीन चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) सक्रिय हैं, जिससे नमी आ रही है।
- वेस्टर्न डिस्टरबेंस: 19 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बारिश की गति और तेज होने की उम्मीद है।
आज का मौसम: इन जिलों में बरसेगा पानी
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष चेतावनी जारी की है:
- भारी बारिश का अलर्ट: बालाघाट और डिंडौरी जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
- हल्की बारिश व गरज-चमक: आलीराजपुर, धार, बड़वानी, इंदौर, खरगोन, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, भिंड, दतिया, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला, अनूपपुर और उमरिया में हल्की बारिश व आंधी के आसार हैं।
- गर्मी का असर: ग्वालियर, भोपाल, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम और झाबुआ में धूप और गर्मी का प्रभाव बना रहेगा।
बारिश के आंकड़े: 13 प्रतिशत की कमी से चिंता
प्रदेश में पिछले 9 दिनों से बारिश न होने के कारण सामान्य वर्षा के आंकड़ों में 13% की कमी दर्ज की गई है:
- कुल बारिश: प्रदेश में अब तक 243.3 मिमी (9.6 इंच) बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा 281.3 मिमी (11.1 इंच) है।
- पूर्वी बनाम पश्चिमी हिस्सा: पूर्वी हिस्से के जिलों में सामान्य से 26% और पश्चिमी हिस्से में 2% कम बारिश दर्ज की गई है।
बारिश की स्थिति: कम और ज्यादा वाले जिले
प्रदेश के जिलों को बारिश की स्थिति के आधार पर दो भागों में बांटा गया है:
- कम बारिश वाले 35 जिले: इनमें अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, दतिया, धार, झाबुआ, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, श्योपुर, शिवपुरी और विदिशा शामिल हैं।
- ज्यादा बारिश वाले 20 जिले: निवाड़ी, आगर-मालवा, अशोकनगर, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, गुना, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, खंडवा, खरगोन, मंदसौर, नीमच, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर और उज्जैन में स्थिति बेहतर है।
मौसम विशेषज्ञों की राय
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि फिलहाल मानसून की स्थिति संतोषजनक है, लेकिन बारिश की कमी कृषि और जल संसाधनों के लिए चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि यदि आगामी मौसमी प्रणालियां अनुकूल रहीं, तो जुलाई के दूसरे पखवाड़े में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी वर्षा देखने को मिलेगी।
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