भोपाल। डिजिटल डेस्क
BDC NEWS | bhopalonline.org
मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार राज्य में अधोसंरचना और विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए एक बार फिर बाजार से कर्ज लेने जा रही है। वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्य सरकार 2800 करोड़ रुपये का नया ऋण लेगी, जिससे प्रदेश पर कुल कर्ज का बोझ बढ़कर लगभग 5 लाख 2 हजार करोड़ रुपये हो जाएगा।
बॉन्ड के जरिए जुटाई जाएगी राशि
राज्य विकास ऋण (State Government Securities) के माध्यम से सरकार दो चरणों में यह राशि जुटाएगी। नीलामी प्रक्रिया भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ई-कुबेर प्रणाली के जरिए पूरी की जाएगी। बॉन्ड का विवरण इस प्रकार है:
- पहला चरण: सरकार 7.64% ब्याज दर वाले ‘मध्यप्रदेश एसजीएस-2034’ बॉन्ड को री-इश्यू करके 1600 करोड़ रुपये जुटाएगी। इस ऋण की अवधि 8 वर्ष होगी और ब्याज का भुगतान हर साल 29 अप्रैल और 29 अक्टूबर को किया जाएगा।
- दूसरा चरण: 7.83% ब्याज दर वाले ‘मध्यप्रदेश एसजीएस-2048’ बॉन्ड के माध्यम से 1200 करोड़ रुपये का ऋण लिया जाएगा, जिसकी अवधि 22 वर्ष होगी।
कर्ज का आँकड़ा और उपयोग
इस नए 2800 करोड़ रुपये के ऋण के बाद, चालू वित्त वर्ष में सरकार द्वारा लिए गए कुल कर्ज की राशि 13,800 करोड़ रुपये तक पहुँच जाएगी। 31 मार्च 2026 तक राज्य पर कर्ज का भार 4.88 लाख करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 5.02 लाख करोड़ रुपये के करीब हो गया है।
सरकार का कहना है कि इस राशि का उपयोग पूरी तरह से प्रदेश की विकास योजनाओं और अधोसंरचना परियोजनाओं में किया जाएगा, जिसके लिए केंद्र सरकार से पहले ही अनुमति प्राप्त हो चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस धन को सड़क निर्माण, सिंचाई परियोजनाओं, बिजली व्यवस्था, जल संसाधन और संचार जैसी जन-सुविधाओं के विकास में खर्च किया जाएगा।
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