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MP College Admission 2026 : शहीदों के बच्चों को मिलेगा विशेष आरक्षण, आदेश जारी

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भोपाल
BDC Nrews | bhopalonline.org

मध्य प्रदेश सरकार ने देश और राज्य की सुरक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों के परिवारों के हित में एक बड़ा और संवेदनशील फैसला लिया है। राज्य के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब मध्य प्रदेश के सभी शासकीय और अशासकीय महाविद्यालयों में स्नातक (यूजी) पाठ्यक्रमों में पुलिस, होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) के शहीद कर्मियों की विधवाओं और उनके आश्रित बच्चों को विशेष आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। विभाग ने इस ऐतिहासिक व्यवस्था को अमलीजामा पहनाने के लिए प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं।


सुपरन्यूमेरेरी सीट से मिलेगा प्रवेश, मूल सीटों पर नहीं पड़ेगा असर

उच्च शिक्षा विभाग के इतिहास में पहली बार लागू की जा रही इस विशेष व्यवस्था के तहत प्रत्येक स्नातक पाठ्यक्रम में स्वीकृत सीटों के अलावा एक ‘सुपरन्यूमेरेरी’ यानी अतिरिक्त सीट आरक्षित की जाएगी। इस अनूठी नीति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस अतिरिक्त सीट के सृजन से कॉलेज की सामान्य प्रवेश प्रक्रिया या पहले से निर्धारित नियमित सीटों की संख्या और कोटे पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा। विभाग का मुख्य उद्देश्य इस कल्याणकारी पहल के माध्यम से शहीद परिवारों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर और सुलभ अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि उनके बच्चों के शैक्षणिक भविष्य को एक मजबूत और सुरक्षित आधार मिल सके।

आधिकारिक प्रमाण-पत्र के आधार पर ही मिलेगा लाभ

प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने पात्रता के कड़े नियम तय किए हैं। आदेश के मुताबिक, इस विशेष आरक्षण श्रेणी का लाभ केवल उन्हीं छात्र-छात्राओं को मिलेगा, जो गृह विभाग अथवा संबंधित सक्षम सैन्य/प्रशासनिक प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया वैध शहीद प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करेंगे। इसके साथ ही, इच्छुक छात्र-छात्राओं को कॉलेज में दाखिले के लिए ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल पर जाकर इस निर्धारित पृथक श्रेणी (Special Category) के अंतर्गत ही अपना आवेदन दर्ज करना अनिवार्य होगा, अन्यथा वे इस लाभ से वंचित रह सकते हैं।

एक से अधिक दावेदार होने पर मेरिट से फैसला

उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशों में यह पूरी तरह स्पष्ट किया गया है कि प्रत्येक संकाय या पाठ्यक्रम में अधिकतम एक अतिरिक्त सीट ही इस वर्ग के लिए आरक्षित रखी जा सकती है। यदि किसी कॉलेज के एक ही पाठ्यक्रम में एक से अधिक पात्र आश्रित अभ्यर्थी आवेदन कर देते हैं, तो वैसी स्थिति में चयन पूरी तरह से उनकी अकादमिक मेरिट (अंकों की श्रेष्ठता) के आधार पर किया जाएगा। इसके अलावा, यदि किसी कॉलेज या विषय में कोई भी पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होता है, तो वह सीट पूरी तरह से रिक्त ही रखी जाएगी। उस सीट को किसी अन्य आरक्षित श्रेणी या सामान्य वर्ग के छात्र को आवंटित नहीं किया जा सकता।

सम्मान और सुरक्षा की दिशा में मील का पत्थर

उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश के आयुक्त प्रबल सिपाहा के अनुसार, यह नीति राज्य सरकार की ओर से शहीद परिवारों के प्रति सम्मान प्रकट करने और उनके बच्चों के भविष्य को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में उठाया गया एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। अब प्रदेश के प्रत्येक कॉलेज के प्रत्येक संकाय में एक सीट अनिवार्य रूप से शहीदों के बच्चों के लिए सुरक्षित रहेगी, जिससे उन्हें करियर निर्माण में बड़ी मदद मिलेगी।


मध्य प्रदेश की अन्य प्रमुख और लेटेस्ट सुर्खियां (Latest Updates)

  • राज्य में शैक्षणिक बदलावों के साथ-साथ कई अन्य प्रशासनिक और कानूनी हलचलें भी तेज हैं।
  • राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के पाठ्यक्रमों की प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने अपना संशोधित शेड्यूल जारी कर दिया है।
  • प्रशासनिक मोर्चे पर, देवास पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण हादसे के बाद राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए टोंकखुर्द के एसडीएम और नायाब तहसीलदार को हटा दिया है।
  • कानून व्यवस्था के तहत इंदौर पुलिस ने कुख्यात ‘बच्चा प्रमुख’ सहित कई बदमाशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है, और टांडा की सक्रिय ‘लच्छू गैंग’ के चार अपराधियों को दबोचने में सफलता पाई है।
  • प्रदेश में पैर पसारने की कोशिश कर रही ‘बिश्नोई गैंग’ के रेकी और फायरिंग नेटवर्क का भी भंडाफोड़ हुआ है।

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