वॉशिंगटन/तेहरान।BDC News|bhopalonline,org
पश्चिम एशिया में लगातार गहराते युद्ध के संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सामने 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव रखा है। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि ईरान इन शर्तों को मानता है, तभी क्षेत्र में शांति की बहाली संभव है। इस प्रस्ताव में सबसे प्रमुख शर्त ‘एक महीने का पूर्ण युद्धविराम’ (Ceasefire) और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर पूर्ण अंकुश लगाना है।
एक महीने का सीजफायर और हथियारों पर रोक
ट्रंप के प्रस्ताव की पहली और सबसे महत्वपूर्ण शर्त तत्काल प्रभाव से एक महीने का सीजफायर है। इस दौरान ईरान और उसके समर्थित गुटों ( प्रॉक्सी ग्रुप्स) को इजरायल या अमेरिकी ठिकानों पर किसी भी तरह का हमला बंद करना होगा। इसके साथ ही, ट्रंप ने मांग की है कि ईरान अपने मिसाइल परीक्षणों और लंबी दूरी के हथियारों के विकास पर तुरंत रोक लगाए।
‘No Nuclear’ पॉलिसी और अंतरराष्ट्रीय निगरानी
अमेरिकी प्रशासन ने साफ कर दिया है कि ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह से बंद करना होगा। ट्रंप ने मांग की है कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षकों को ईरान के सभी परमाणु केंद्रों की बिना किसी रोक-टोक के जांच करने की अनुमति दी जाए। ट्रंप का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु शक्ति संपन्न देश नहीं बनने देंगे।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की सुरक्षा
वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए लाइफलाइन माना जाने वाला ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ इस शांति प्रस्ताव का केंद्र बिंदु है। ट्रंप ने शर्त रखी है कि ईरान इस जलमार्ग को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए हमेशा खुला रखने की लिखित गारंटी दे। यदि ईरान इस मार्ग को बाधित करने की कोशिश करता है, तो इसे युद्ध की घोषणा माना जाएगा और अमेरिका कठोर सैन्य कार्रवाई करेगा।
क्षेत्रीय गुटों का समर्थन बंद करने की मांग
शांति प्रस्ताव में यह भी शामिल है कि ईरान लेबनान के हिजबुल्लाह, गाजा के हमास और यमन के हूती विद्रोहियों को दी जाने वाली वित्तीय और सैन्य मदद को पूरी तरह बंद करे। ट्रंप के अनुसार, मिडिल ईस्ट में अस्थिरता की मुख्य जड़ ये गुट हैं, जिन्हें ईरान का संरक्षण प्राप्त है।
आर्थिक प्रतिबंधों में ढील का लालच
यदि ईरान इन सभी 15 शर्तों को मान लेता है, तो बदले में ट्रंप ने ईरान पर लगे कड़े आर्थिक प्रतिबंधों को धीरे-धीरे हटाने का वादा किया है। इससे ईरान की अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल बेचने की अनुमति मिल सकती है। हालांकि, अमेरिका ने यह भी साफ किया है कि किसी भी शर्त का उल्लंघन होने पर प्रतिबंध दोगुने कर दिए जाएंगे।
- रिश्तों की नई मिसाल : ससुर ने विधवा बहू का पिता बनकर कराया पुनर्विवाह, समाज के लिए बनी प्रेरणा

- अमरनाथ शिवलिंग : क्या है बाबा बर्फानी के अंतर्ध्यान होने का वैज्ञानिक कारण?

- भारत का बायोफ्यूल रोडमैप : E20 के बाद अब E25 और E85 की ओर कदम

- Share Market Today : मिडिल ईस्ट तनाव की मार, सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट; क्रूड ऑयल 76 डॉलर के पार

- होर्मुज स्ट्रेट में हमलों के बाद अमेरिकी सेना की जवाबी कार्रवाई

- इंस्टाग्राम पर लाइव लोकेशन कैसे शेयर करें? जानें आसान तरीका और जरूरी टिप्स

- Share Market Today : सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त के साथ शुरुआत, वैश्विक संकेतों का असर

- MP Weather Update : 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, मानसून की भारी बारिश का दौर जारी
