नई दिल्ली| BDC News|bhopalonline.org
Assembly Elections 2026: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) आज शाम 4 बजे एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहा है, जिसमें पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों के शेड्यूल की घोषणा की जाएगी। इस घोषणा के साथ ही इन पांचों राज्यों में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी।
मई-जून में खत्म हो रहा है कार्यकाल
इन राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल मई और जून 2026 में समाप्त हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पूरी चुनावी प्रक्रिया अप्रैल और मई के बीच संपन्न करा ली जाएगी। मतगणना संभवतः मई के पहले सप्ताह में हो सकती है।
- पिछला अनुभव: 2021 में इन राज्यों के चुनावों का ऐलान 26 फरवरी को हुआ था, जहाँ बंगाल में रिकॉर्ड 8 चरणों में मतदान कराया गया था।
ममता बनर्जी का बड़ा दांव: मानदेय में वृद्धि
तारीखों के ऐलान से ठीक पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मास्टरस्ट्रोक खेला है। उन्होंने राज्य के पुरोहितों और मुअज़्ज़िनों के मासिक मानदेय में ₹500 की बढ़ोतरी की घोषणा की है। अब उन्हें ₹1,500 के बजाय ₹2,000 प्रति माह मिलेंगे। राजनीतिक गलियारों में इसे चुनाव से पहले वोट बैंक को साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
भाजपा ने उठाई सुरक्षा पर चिंता
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की तैनाती को लेकर सवाल उठाए हैं। भाजपा का आरोप है कि कोलकाता पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में जानबूझकर CAPF को तैनात नहीं किया। पार्टी ने आयोग से निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बलों के उचित प्रबंधन की मांग की है।
क्या बनेगा नया इतिहास?
इस बार का चुनाव पश्चिम बंगाल के लिए ऐतिहासिक हो सकता है। यदि ममता बनर्जी फिर से सत्ता में लौटती हैं, तो वह लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाली देश की पहली महिला मुख्यमंत्री बनेंगी। हालांकि, उनके सामने भाजपा एक बेहद मजबूत और आक्रामक प्रतिद्वंद्वी के रूप में खड़ी है।
विधानसभा चुनाव 2021: पिछले चुनावी नतीजों का विश्लेषण
| राज्य | कुल सीटें | सबसे बड़ी पार्टी/गठबंधन | सीटें जीतीं | मुख्य प्रतिद्वंद्वी | सीटें जीतीं |
| पश्चिम बंगाल | 294 | TMC (ममता बनर्जी) | 213 | BJP | 77 |
| तमिलनाडु | 234 | DMK+ (एम.के. स्टालिन) | 159 | AIADMK+ | 75 |
| केरल | 140 | LDF (पिनाराई विजयन) | 99 | UDF | 41 |
| असम | 126 | NDA (हिमंत बिस्वा सरमा) | 75 | Congress+ | 50 |
| पुडुचेरी | 30 | AINRC+ (एन. रंगास्वामी) | 16 | Congress+ | 08 |
इस बार (2026) के मुख्य चुनावी बिंदु:
पुडुचेरी: यहाँ छोटे दलों और निर्दलीयों की भूमिका हमेशा निर्णायक होती है।
पश्चिम बंगाल: क्या ममता बनर्जी की जन कल्याणकारी योजनाएं (जैसे मानदेय वृद्धि) उन्हें चौथी बार सत्ता दिलाएंगी, या भाजपा 2021 की तुलना में और बेहतर प्रदर्शन करेगी?
तमिलनाडु: यहाँ मुकाबला स्टालिन की सत्ता विरोधी लहर और AIADMK-BJP के बीच के नए समीकरणों पर टिका है।
केरल: केरल में पारंपरिक रूप से सत्ता बदलती रही है, लेकिन 2021 में LDF ने इतिहास रचते हुए वापसी की थी। क्या वे इस बार भी ऐसा कर पाएंगे?
असम: भाजपा अपनी विकास योजनाओं और एनआरसी/सीएए जैसे मुद्दों के साथ फिर से मैदान में है।