पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने मध्यप्रदेश के दरवाजे पर दस्तक, जानिए… 3 फरवरी तक कहां-कहां गिरेगी मावठ
भोपाल|BDC News| bhopalonline.org
मध्यप्रदेश में कुदरत ने एक बार फिर अपना मिजाज बदल लिया है। शनिवार की सुबह जब प्रदेश के उत्तरी हिस्सों की नींद खुली, तो जबलपुर से लेकर टीकमगढ़ तक सफेद कोहरे की चादर लिपटी हुई थी। ग्वालियर और रीवा सहित करीब 20 जिलों में धुंध इतनी गहरी थी कि मानों सड़कें आसमान से मिल गई हों। सतना में तो आलम यह था कि 50 मीटर दूर देखना भी दूभर हो गया।
लेकिन यह तो बस एक शुरुआत है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने मध्यप्रदेश के दरवाजे पर दस्तक दे दी है। मौसम विभाग की मानें, तो अगले तीन दिन प्रदेश के लिए ‘तूफानी’ रहने वाले हैं। 1 से 3 फरवरी के बीच ग्वालियर, चंबल, सागर और उज्जैन संभाग में बादल गरजेंगे और तेज हवाओं के साथ बारिश होगी।
तारीख दर तारीख… बारिश का सफर
मौसम की यह कहानी 1 फरवरी से शुरू होगी, जब ग्वालियर-चंबल अंचल के साथ छतरपुर और टीकमगढ़ में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी। 2 फरवरी को नीमच और मंदसौर जैसे इलाके भी इस भीगती ठंड की चपेट में आएंगे। वहीं, 3 फरवरी को आंधी और बारिश का यह अलर्ट रीवा और सतना तक फैल जाएगा।
ठिठुरन अभी बाकी है
फिलहाल प्रदेश में कड़ाके की ठंड का पहरा है। राजगढ़ 3 डिग्री के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका बना हुआ है, जबकि भोपाल और ग्वालियर समेत 25 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे गोता लगा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे ही बारिश का यह सिस्टम विदा होगा, पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाएं ठंड का एक और प्रचंड दौर लेकर आएंगी। यानी, फरवरी की शुरुआत में भी स्वेटर और जैकेट से राहत मिलने वाली नहीं है।