दीपोत्सव की बधाई.. इस साल दीपावली 24 अक्टूबर है एक विशेष संयोग के साथ। छोटी दिवाली और बड़ी दिवाली एक साथ मनाई जाएगी। धनतेरस, छोटी दीपावली और बड़ी दीपावली की तारीखों को लेकर नया स्वरूप बन रहा है। इस साल धनतेरस 23 अक्टूबर को है। इसके बाद छोटी और बड़ी दिवाली 24 अक्टूबर को।
धनतेरस 22 अक्टूबर
कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 22 अक्टूबर को शाम 6 बजकर 02 मिनट से हो रही है। वहीं इस तिथि का समापन 23 अक्टूबर शाम 6 बजकर 03 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार 23 अक्टूबर को धनतेरस मनाया जाएगा।
छोटी दिवाली 23 अक्टूबर
इसके बाद 23 अक्टूबर को ही शाम 6 बजकर 04 मिनट से ही चतुर्दशी तिथि की शुरुआत हो जा रही है, जिसका अगले दिन 24 अक्टूबर को शाम 5 बजकर 28 मिनट पर समापन होगा। ऐसे में उदया तिथि के आधार पर 24 अक्टूबर को छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी का पर्व मनाया जाएगा।
दिवाली 24 अक्टूबर
फिर 24 अक्टूबर को ही शाम 05 बजकर 28 मिनट से अमावस्या तिथि लग जा रही है, जो 25 अक्टूबर को शाम 04 बजकर 19 मिनट तक रहेगी। वहीं 25 अक्टूबर को शाम में यानी प्रदोष काल लगने से पहले ही अमावस्या समाप्त हो जा रही है। ऐसे में दिवाली का पर्व इस दिन नहीं मनाया जाएगा, बल्कि 24 अक्टूबर को ही मनाया जाएगा।
नरक चतुर्दशी शुभ मुहूर्त
अभ्यंग स्नान मुहूर्त- 24 अक्टूबर को सुबह 05 बजकर 08 मिनट से सुबह 06 बजकर 31 मिनट तक
अवधि – 01 घंटा 23 मिनट
काली चौदस 23 अक्टूबर को
कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर काली चौदस भी मनाई जाती है। इसमें मध्यरात्रि में मां काली की पूजा की जाती है। काली पूजा रात में होती है ऐसे में 23 अक्टूबर को काली चौदस की पूजा की जाएगी। मुहूर्त रात 11 बजकर 42 मिनट से 24 अक्टूबर को रात में 12 बजकर 33 मिनट तक।
लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त
लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त 24 अक्टूबर को शाम 06 बजकर 53 मिनट से रात 08 बजकर 16 मिनट तक
ग्रह मैत्री क्या है? विवाह मिलान में ग्रह मैत्री कूट का रहस्य – Compatibility, गुण और प्रभाव
विवाह केवल दो शरीरों का नहीं, दो मन और दो किस्मतों का मिलन है। ठीक वैसे ही जैसे ग्रह एक-दूसरे से मित्रता रखते हैं या शत्रुता — उसी तरह पति-पत्नी का रिश्ता भी ग्रहों की मित्रता पर आधारित माना गया है। अष्टकूट मिलान प्रणाली में ग्रह मैत्री कूट छठा महत्वपूर्ण कूट है, जो दंपत्ति की…
वैवाहिक सुख का ज्योतिषीय सूत्र: समझिए योनि कूट का सही अर्थ
योनि कूट क्या है? विवाह मिलान में योनि कूट की पूरी गाइड — Compatibility, गुण, तालमेल और असर भारत में विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं बल्कि दो संस्कृतियों, भावनाओं और भविष्य का संगम होता है। इसलिए शादी से पहले कुंडली मिलान को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। अष्टकूट मिलान में कुल 8 कूट होते…
तारा कूट क्या है? विवाह मिलान में तारा कूट का महत्व, गणना, गुण व असर
विवाह में कुंडली मिलान का महत्व भारत में सदियों से माना जाता है। अष्टकूट मिलान प्रणाली में कुल 8 कूट शामिल होते हैं, जिनमें से तारा कूट तीसरा कूट है। इसे दोष निवारक और आयु एवं स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाला कूट माना गया है। यदि दम्पत्ति के तारा आपस में मेल खाते हों, तो…