भोपाल: BDC News
संत हिरदाराम नगर के मछली मार्केट में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक तेरहवीं के कार्यक्रम के दौरान भवन में जमीन का एक हिस्सा अचानक धंस गया। हादसे में वहां बैठी पांच महिलाएं रूप से घायल हो गईं। हालांकि, समय रहते लोगों ने बचाव कार्य शुरू किया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
लोगों ने बताया कि यह भवन करीब 10 साल पुराना है और अक्सर छोटे-मोटे कार्यक्रमों के लिए इस्तेमाल होता है। रविवार को भी यहां रसोई का कार्यक्रम चल रहा था, जब दोपहर में अचानक जमीन धंस गई। रहवासी मुकेश पथरोल ने बताया भवन की जर्जर हालत और निर्माण में हुई लापरवाही इस घटना का मुख्य कारण है। उन्होंने बताया कि इस तरह की घटनाएं भविष्य में न हों, इसके लिए प्रशासन को जर्जर भवनों का निरीक्षण करना चाहिए। उन्होंने पास के आंगनवाड़ी केंद्र की खराब हालत पर भी चिंता जताई। घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद लोगों, जिनमें जीतू बलूआ, लालू राव पांडे, छोटू, सागर, मुकेश लाहोट और अन्य शामिल थे, ने घायलों को बाहर निकाला। सभी घायल महिलाओं को तत्काल पास के वन ट्री हिल्स स्थित डॉ. ज्ञानचंदानी क्लीनिक ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
समझ नहीं आया क्या हुआ
घायल महिलाओं ने हुए बताया कि घटना इतनी अचानक हुई कि उन्हें कुछ भी समझने का मौका नहीं मिला। सुनीता भेरवे ने बताया कि वह गड्ढे में गिर गईं, जिससे उनके हाथ-पैर में चोटें आईं, लेकिन उनकी आँख बाल-बाल बच गई। वहीं, श्रीमती राखी गोदरे ने बताया कि वह लगभग 8 से 10 अन्य महिलाओं के साथ बैठी थीं, जब अचानक जमीन धंस गई और उन्हें सिर में चोटें आईं। एक अन्य घायल शांति बाई ने बताया, “मैं खाने का निवाला ही तोड़ रही थी कि अचानक कंपन हुआ और मैं गड्ढे में जा गिरी। यह बहुत डरावना था।”
तालाब के किनारे कमजोर हुई जमीन
बताया जा रहा है कि यह भवन एक तालाब के किनारे बना है। बारिश के कारण जमीन कमजोर हो गई थी, जो एक साथ इतनी महिलाओं का भार नहीं सह पाई और धंस गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे असुरक्षित भवनों की पहचान कर उनकी मरम्मत या पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। पास में ही एक शिव मंदिर भी है, जहां अक्सर धार्मिक कार्यक्रम होते रहते हैं, इसलिए इस समस्या का जल्द समाधान आवश्यक है।