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साल 2026 की महाशिवरात्रि ज्योतिषीय नजरिए से बहुत खास है। 15 फरवरी को आने वाले इस पर्व पर यदि आप महाशिवरात्रि 2026 ग्रहों के उपाय अपनाते हैं, तो कुंडली के खराब ग्रहों का प्रभाव खत्म हो सकता है। महादेव को ‘ग्रहपति’ कहा जाता है, इसलिए उनकी शरण में हर समस्या का समाधान संभव है।
साल 2026 की महाशिवरात्रि ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास होने वाली है। 15 फरवरी को आने वाला यह महापर्व न केवल आध्यात्मिक शांति का मार्ग है, बल्कि अपनी कुंडली के खराब ग्रहों को ठीक करने का सबसे बड़ा अवसर भी है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, भगवान शिव को ‘नवग्रहों का स्वामी’ माना जाता है। यदि आपके जीवन में संघर्ष बढ़ रहा है या मेहनत के बाद भी फल नहीं मिल रहा, तो इस महाशिवरात्रि पर शिव साधना से आप अपने भाग्य के सितारे बदल सकते हैं।
नौ ग्रहों की शांति के लिए महाशिवरात्रि 2026 ग्रहों के उपाय
1. सूर्य और चंद्र की मजबूती
अगर समाज में सम्मान की कमी है या पिता के साथ संबंध खराब हैं, तो सूर्य दोष हो सकता है। इसके लिए शिवलिंग पर लाल चंदन का लेप लगाएं और मदार (आंक) के फूल चढ़ाएं।
वहीं, मानसिक तनाव और घबराहट चंद्र दोष का संकेत है। इससे बचने के लिए महादेव का कच्चे दूध से अभिषेक करें और सफेद फूल अर्पित करें।
2. करियर और व्यापार में सफलता
नौकरी में प्रमोशन रुक गया है या शिक्षा में बाधा आ रही है, तो गुरु ग्रह के उपाय करें। जल में हल्दी मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं।
यदि आप बिजनेस में घाटा सह रहे हैं, तो बुध ग्रह की शांति के लिए शिव जी को दूर्वा (हरी घास) और मूंग की दाल चढ़ाना सबसे बेहतर है।
3. विवाह और सुख-सुविधाएं
वैवाहिक जीवन में अनबन या आर्थिक तंगी शुक्र ग्रह की कमजोरी दर्शाती है। महाशिवरात्रि पर शिवलिंग का दही या पंचामृत से अभिषेक करें। शिव जी को इत्र लगाना आपको वैभव दिला सकता है।
4. शनि, राहु-केतु और मंगल का डर होगा दूर
अचानक आने वाली मुसीबतें और दुर्घटनाएं राहु-केतु या शनि के कारण हो सकती हैं।
- जल में काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं।
- बेलपत्र पर चंदन से ‘राम’ लिखकर अर्पित करें।
- क्रोध शांत करने के लिए मंगल के निमित्त शहद से अभिषेक करें।
महाशिवरात्रि 2026: पूजा का शुभ मुहूर्त
ज्योतिष गणना के अनुसार, इस वर्ष महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी।
जनमानस पर इसका प्रभाव: क्यों जरूरी है यह पूजा?
बदलते दौर में मानसिक शांति और स्थिरता हर व्यक्ति की जरूरत है। महाशिवरात्रि पर ग्रहों की शांति के ये उपाय न केवल धार्मिक आस्था से जुड़े हैं, बल्कि यह व्यक्ति के आत्मविश्वास को बढ़ाने का मनोवैज्ञानिक माध्यम भी हैं। मान्यता है कि इस दिन की गई पूजा का फल कई गुना होकर मिलता है।
निष्कर्ष: श्रद्धा और विश्वास का पर्व
अंत में, महाशिवरात्रि 2026 ग्रहों के उपाय केवल धार्मिक कर्मकांड नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित करने का मार्ग हैं। 15 फरवरी को शुभ मुहूर्त में की गई पूजा आपको साल भर ग्रहों के अशुभ प्रभाव से बचाएगी।
महाशिवरात्रि केवल एक व्रत नहीं, बल्कि अपने भीतर की नकारात्मकता को खत्म करने का दिन है। यदि आप भी ग्रहों की प्रतिकूलता से परेशान हैं, तो 15 फरवरी को पूरी श्रद्धा के साथ महादेव की शरण में आएं। नियम और निष्ठा से किए गए ये छोटे उपाय आपके जीवन में बड़ी खुशहाली ला सकते हैं।