चैतीचांद विशेष: दिल्ली के प्रसिद्ध झूलेलाल मंदिर, सिंधी संस्कृति का केंद्र
30 मार्च को पूरी दुनिया में सिंधी समाज अपने आराध्य देव लाल साईं, उदेरो लाल, वरुण देव, दुल्ला लाल, दरिया लाल और ज़िंदा पीर का अवतरण दिवस(चैतीचांद) मनाएगा। भोपाल डॉट कॉम (BDC NEWS) चैतीचांद विशेष में देशभर के झूलेलाल मंदिर को लेकर आ रहा है। पहले भाग में दिल्ली के झूलेलाल मंदिर।
दिल्ली झंडेवालान मेट्रो स्टेशन से 50 मीटर की दूरी पर है श्री झूलेलाल मंदिर। इसकी स्थापना सिंधी समाज ने की है। प्रतिदिन पूजा अर्चना एवं समाज के धार्मिक आयोजन होते हैं।
दिल्ली के शालीमार बाग में सिंधी समाज ने झूलेलाल मंदिर करोल धाम स्थापित किया है, इसका संचालन सेवा मंडल द्वारा किया जाता है। यहां हर माह की शुक्ल प्रतिपदा पर चंद्र दर्शन उत्सव मनाया जाता है।
दिल्ली मोती नगर मेट्रो स्टेशन के पास साठ के दशक में श्री झूलेलाल मंदिर, की स्थापना सिंधी समाज ने की थी। यहां प्रतिदिन पूजा अर्चना होती है और समय-समय पर सिंधी समाज के परंपरागत पर्व मनाए जाते हैं।