मध्य प्रदेश बजट 2026: अब तक का सबसे बड़ा ₹4.70 लाख करोड़ का होगा बजट

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भोपाल.  BDC News|bhopalonline.org

मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार अपने कार्यकाल का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश करने की तैयारी में है। 18 फरवरी 2026 को विधानसभा में पेश होने वाले इस बजट का अनुमानित आकार 4.70 लाख करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है। यह पिछले वर्ष के 4.21 लाख करोड़ रुपये के बजट की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत अधिक है। सरकार का मुख्य ध्यान बुनियादी ढांचे के विकास (Capital Expenditure) और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाने पर केंद्रित है।

16 फरवरी से शुरू होगा विधानसभा का बजट सत्र

मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च 2026 तक चलेगा। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा 18 फरवरी को सदन के पटल पर बजट रखेंगे। वहीं, विपक्ष ने भी सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर ली है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 16 फरवरी को कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है, जिसमें बेरोजगारी, कानून व्यवस्था और अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की रूपरेखा तय की जाएगी।

कैबिनेट बैठक में बजट का विस्तृत प्रजेंटेशन और मंथन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष वित्त विभाग ने बजट की प्रारंभिक रूपरेखा प्रस्तुत की है। कैबिनेट के दौरान सड़कों, सिंचाई योजनाओं, शहरी विकास और औद्योगिक क्लस्टर्स के लिए आवंटन बढ़ाने पर चर्चा हुई। सरकार की प्राथमिकता विकास कार्यों की गति तेज करने के साथ-साथ राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को निर्धारित सीमा के भीतर रखने की है।

मंत्रियों ने की विभागीय बजट बढ़ाने की मांग

बजट चर्चा के दौरान कैबिनेट मंत्रियों ने अपने विभागों के लिए अतिरिक्त संसाधनों की मांग उठाई। मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने आनंद विभाग के बजट में संभावित कटौती पर आपत्ति जताई, वहीं खेल एवं सहकारिता मंत्री विश्वास सारं ने प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विस्तार के लिए विशेष पैकेज की मांग की। साथ ही, जनप्रतिनिधियों के पेंशन नियमों को कर्मचारियों की तर्ज पर समयानुकूल बनाने का प्रस्ताव भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया।

मध्य प्रदेश कैबिनेट के प्रमुख निर्णय और नई नीतियां

बजट सत्र से पहले हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधारों को मंजूरी दी गई है…

  • सिविल सेवा पेंशन नियम 2026: पेंशन प्रक्रिया को सरल बनाने और परिवार पेंशन के दायरे में अविवाहित, विधवा व तलाकशुदा पुत्रियों को शामिल करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया।
  • योजनाओं का विस्तार: मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना और जनजातीय कार्य विभाग की योजनाओं को वर्ष 2030-31 तक जारी रखने के लिए ₹7,133 करोड़ से अधिक की स्वीकृति दी गई।
  • जनजातीय विकास: ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के तहत बिजली से वंचित घरों के लिए ₹366.72 करोड़ मंजूर किए गए हैं।
  • आयु सीमा में छूट: उच्च न्यायालय और जिला न्यायालय के IT संवर्ग के कर्मचारियों को अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की एकमुश्त छूट दी गई है।


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