नई दिल्ली: BDC News| bhopalonline.org
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज महान समाज सुधारक और संत श्री गुरु रविदास महाराज जी की जन्म जयंती पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने कहा कि संत रविदास के दिखाए रास्ते पर चलकर ही देश ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को साकार कर रहा है।
न्याय और करुणा का मार्ग: पीएम मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर अपने संदेश में संत रविदास के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने मानवता की सेवा को ही सबसे बड़ा धर्म माना था।
पीएम मोदी के संदेश की मुख्य बातें:
- न्याय और करुणा: उनके विचारों में सामाजिक न्याय और करुणा को सबसे ऊपर रखा गया था।
- जनकल्याण का आधार: केंद्र सरकार की जनहितकारी योजनाएं इन्हीं आदर्शों से प्रेरित हैं।
- सामाजिक सद्भावना: उन्होंने समाज में भाईचारे और समरसता का जो दीप जलाया, वह आज भी हमें प्रेरित कर रहा है।
सरकारी योजनाओं में संत रविदास के विचारों की झलक
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार की नीतियां केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं हैं। इनमें संत रविदास के उस दर्शन को शामिल किया गया है जहाँ समाज के अंतिम व्यक्ति को भी न्याय मिले।
मोदी ने कहा, “उन्होंने जिस सामाजिक समरसता की बात की थी, वह देशवासियों के पथ को हमेशा आलोकित करती रहेगी।”
समाज पर इस संदेश का गहरा असर
संत रविदास एक ऐसे युगपुरुष थे जिन्होंने जाति-पाति और ऊंच-नीच के भेदभाव को मिटाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। प्रधानमंत्री का यह संबोधन न केवल श्रद्धा का भाव है, बल्कि यह संदेश भी है कि आधुनिक भारत अपने प्राचीन मूल्यों और महान संतों के आदर्शों पर अडिग है।
आज के समय में जब दुनिया शांति और समानता की खोज कर रही है, संत रविदास के उपदेश और भी प्रासंगिक हो जाते हैं।
सरकारी योजनाओं में संत रविदास के विचारों की झलक
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार की नीतियां केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं हैं। इनमें संत रविदास के उस दर्शन को शामिल किया गया है जहाँ समाज के अंतिम व्यक्ति को भी न्याय मिले।
मोदी ने कहा, “उन्होंने जिस सामाजिक समरसता की बात की थी, वह देशवासियों के पथ को हमेशा आलोकित करती रहेगी।”
समाज पर इस संदेश का गहरा असर
संत रविदास एक ऐसे युगपुरुष थे जिन्होंने जाति-पाति और ऊंच-नीच के भेदभाव को मिटाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। प्रधानमंत्री का यह संबोधन न केवल श्रद्धा का भाव है, बल्कि यह संदेश भी है कि आधुनिक भारत अपने प्राचीन मूल्यों और महान संतों के आदर्शों पर अडिग है।
आज के समय में जब दुनिया शांति और समानता की खोज कर रही है, संत रविदास के उपदेश और भी प्रासंगिक हो जाते हैं।
निष्कर्षसंत रविदास जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री की यह श्रद्धांजलि दिखाती है कि सरकार सामाजिक समानता की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता को दोहरा रही है। संत रविदास के विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रकाश स्तंभ का काम करते रहेंगे।
- मध्य प्रदेश में LPG सिलेंडर की कालाबाजारी करने वालों की अब खैर नहीं!Latest Hindi News: 3 LPG सिलेंडर : CM मोहन यादव के तेवर सख्त, मध्य प्रदेशभर में भारी जब्ती भोपाल: मध्य प्रदेश में रसोई गैस (LPG) की कालाबाजारी और अवैध जमाखोरी करने वालों के खिलाफ मोहन सरकार ने युद्ध स्तर पर अभियान छेड़ दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कड़े निर्देशों के बाद प्रशासन अब…
- भगवा यात्रा भोपाल: हिंदू नववर्ष का शंखनाद, 18 मार्च को कुमार विश्वास का कवि सम्मेलन।Latest Hindi News: 4 भोपाल। BDC News|bhopalonline,org राजधानी भोपाल के अटल पथ (टीटी नगर) पर रविवार को आस्था और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। हिन्दू नववर्ष और गुड़ी पड़वा के उपलक्ष्य में विधायक रामेश्वर शर्मा के नेतृत्व वाली ‘कर्मश्री’ संस्था द्वारा विशाल भगवा यात्रा का आयोजन किया गया। हजारों की संख्या में नागरिकों…
- विधानसभा चुनाव 2026 तारीख: जाने बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में कब होगी वोटिंगLatest Hindi News: 2 Assembly Elections 2026: 5 राज्यों में चुनाव की तारीखों का ऐलान, बंगाल में दो तो तमिलनाडु में एक चरण में वोटिंग, 4 मई को नतीजे नई दिल्ली| BDC News|bhopalinline.org भारतीय निर्वाचन आयोग ने रविवार को देश के पांच महत्वपूर्ण राज्यों— पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के…
- विधानसभा चुनाव 2026: पांच राज्यों में चुनावी शंखनाद आज, शाम 4 बजे चुनाव आयोग करेगा तारीखों का ऐलानLatest Hindi News: 0 नई दिल्ली| BDC News|bhopalonline.org Assembly Elections 2026: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) आज शाम 4 बजे एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहा है, जिसमें पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों के शेड्यूल की घोषणा की जाएगी। इस घोषणा के साथ ही इन पांचों राज्यों में आदर्श आचार…
- Surya Grahan 2026: लगने जा रहा है इस सदी का दूसरा सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण, जानें भारत में दिखेगा या नहीं?Latest Hindi News: 0 धर्म डेस्क। BDC News|bhopalonline.org खगोल प्रेमियों और ज्योतिष में विश्वास रखने वालों के लिए साल 2026 बेहद खास होने वाला है। इस साल ब्रह्मांड में एक ऐसी घटना घटने जा रही है, जिसे ‘सदी का दूसरा सबसे लंबा सूर्य ग्रहण’ माना जा रहा है। 12 अगस्त 2026 को होने वाला यह…