भोपाल।
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मध्य प्रदेश में गर्मी से राहत का सिलसिला अब खत्म होने जा रहा है। मौसम विभाग (IMD) की ताजा भविष्यवाणी के अनुसार, 15 अप्रैल 2026 से प्रदेश में एक नया मौसम तंत्र (Weather System) सक्रिय तो हो रहा है, लेकिन यह इतना कमजोर है कि इससे तापमान में गिरावट की कोई उम्मीद नहीं है। इसके उलट, 16 अप्रैल से सूरज के तेवर और कड़े होने वाले हैं, जिससे पूरा प्रदेश तपने लगेगा।
लू (Heat Wave) का अलर्ट: इन जिलों में ‘रेड सिग्नल’
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा शुरू होते ही झुलसाने वाली गर्मी का दौर शुरू हो जाएगा। विशेष रूप से मालवा और निमाड़ अंचल के साथ-साथ विंध्य क्षेत्र में लू का प्रकोप रहेगा।
- लू प्रभावित जिले: धार, खरगोन, खंडवा, सीधी और सिंगरौली में लू चलने का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
- तापमान का अनुमान: इन जिलों में पारा 43°C से 45°C तक पहुंचने की संभावना है।
गर्मी से बचने की जंग: ज्यूस और सूती कपड़ों का सहारा
जैसे-जैसे तापमान चढ़ रहा है, आम जनजीवन प्रभावित होने लगा है। लोग लू और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए जतन कर रहे हैं:
- खान-पान में बदलाव: बाजार में गन्ने के रस, कोल्ड ड्रिंक्स और आइसक्रीम की मांग में जबरदस्त उछाल आया है।
- सावधानी: दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है। जो लोग बाहर निकल रहे हैं, वे सिर और मुंह पर कपड़ा बांधकर धूप से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
मौसम विभाग की ‘हेल्थ एडवाइजरी’
बढ़ती गर्मी को देखते हुए प्रशासन और मौसम केंद्र ने नागरिकों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- हाइड्रेशन: प्यास न लगने पर भी समय-समय पर पानी पीते रहें। ओआरएस (ORS), लस्सी, और नींबू पानी का सेवन करें।
- दोपहर का समय: सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें।
- पहनावा: हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें। बाहर जाते समय सनग्लासेस, छतरी और टोपी का उपयोग करें।
- विशेष ध्यान: छोटे बच्चे, बुजुर्ग और बीमार व्यक्ति सीधी धूप के संपर्क में न आएं।
फ्लैशबैक: अप्रैल की शुरुआत में हुई थी ‘अकाल वर्षा’
यह साल अप्रैल के महीने के लिए थोड़ा अजीब रहा है। जहां आमतौर पर इस समय लू चलती थी, वहां इस बार शुरुआती 9 दिनों तक प्रदेश में बारिश और ओलों का दौर रहा।
- ग्वालियर का रिकॉर्ड: 1 से 9 अप्रैल के बीच ग्वालियर में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई।
- ओलावृष्टि: प्रदेश के 15 से ज्यादा जिलों में ओले गिरे, जिससे फसलों को भी नुकसान हुआ। करीब 45 जिलों में गरज-चमक के साथ पानी गिरा।
अब क्यों बढ़ रही है गर्मी?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जिस तरह जनवरी ठंड के लिए और अगस्त बारिश के लिए जाना जाता है, वैसे ही अप्रैल का आखिरी हिस्सा और पूरा मई ‘हीट पीक’ (Heat Peak) का समय होता है। पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर होते ही राजस्थान की ओर से आने वाली गर्म हवाओं ने प्रदेश का तापमान बढ़ाना शुरू कर दिया है।
आगामी 48 घंटे प्रदेश के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। लू की शुरुआत होने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं, अतः सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है
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