कैबिनेट का फैसला: पचमढ़ी नगर अब अभयारण्य से मुक्त, टाइगर रिजर्व के लिए 390 करोड़

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई।


भोपाल. BDC News | bhopalonline.org

मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और पर्यटन को लेकर कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। इस बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी को लेकर रहा। सरकार ने पचमढ़ी नगर को पचमढ़ी अभयारण्य (Sanctuary) के दायरे से बाहर करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद अब पचमढ़ी के स्थानीय निवासियों को निर्माण कार्य और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए कड़े वन नियमों से राहत मिल सकेगी।

टाइगर रिजर्व में ₹390 करोड़ का निवेश

पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और आसपास के क्षेत्रों के लिए 390 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को स्वीकृति दी है। इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से ईको-टूरिज्म, वन्यजीवों के संरक्षण, बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण और पर्यटकों की सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि पचमढ़ी न केवल एक प्राकृतिक स्थल बना रहे, बल्कि यहाँ आने वाले पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं भी प्राप्त हों।

प्रमुख बिंदु

  • निर्माण कार्य में आसानी: पचमढ़ी नगर के अभयारण्य क्षेत्र से अलग होने के बाद अब वहां विकास कार्यों के लिए नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्डलाइफ (NBWL) की कठिन प्रक्रियाओं पर निर्भरता कम होगी।
  • स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल: विकास कार्यों के लिए स्वीकृत 390 करोड़ रुपये से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
  • सड़क और बुनियादी ढांचा: इस बजट का एक बड़ा हिस्सा टाइगर रिजर्व के बफर जोन में सड़कों के सुधार और सुरक्षा घेरों को मजबूत करने में खर्च होगा।
  • ईको-टूरिज्म को बढ़ावा: सरकार पचमढ़ी को देश के प्रमुख ईको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित करना चाहती है, जिससे राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी।

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